{"_id":"59f387484f1c1b74698b8193","slug":"151509132104-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ पर्वत की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ पर्वत की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हेल्थ वेल्थ हैप्पीनेस आध्यात्मिक मेले में भीड़ उमड़ने लगी है। मेले से जुड़ी आध्यात्मिक क्रियाएं व झांकियां जिलेवासियों को आकर्षित कर रही हैं। मेले में बनाई गई 25 फीट ऊंची अमरनाथ पहाड़ी की झांकी सभी को आकर्षित कर रही है।
मेले में सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े दस बजे तक व शाम को साढ़े छह बजे से आध्यात्मिक शिविर का आयोजन हो रहा है। आध्यात्मिक शिविर में भाग लेने के लिए काफी श्रद्धालु आ रहे हैं। अमरनाथ की पहाड़ी पर मेले में आने वाले श्रद्धालु बार बार चढ़कर देख रहे हैं। यहां मेले में ब्रह्मकुमारी सेंटर प्रभारी सुरेश दीदी ने कहा कि देशभर में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की याद में 12 ज्योर्तिलिंगम की स्थापना की गई है। भक्तों के मन में इनके लिए अपार श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ के दर्शकों की ललक परमात्मा के दर्शनों व प्रेम में दीवाने भक्तों को दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़ने को मजबूर कर देती है। भक्तों की इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मेले में बाबा बर्फानी की झांकी बनाई गई है। भगवान शिव निराकार, अजर अमर व अविनाशी हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ने पार्वती को अमरनाथ में अमरत्व प्राप्त करने की कथा सुनाई थी। इसलिए शिव को अमरनाथ नाम से पूजा जाता है। उन्होंने अमरनाथ का आध्यात्मिक महत्व बताया। इस अमरकथा को सुनकर कोई भी अमरत्व को प्राप्त करके सतयुग स्वर्ग में जाने का अधिकारी बन सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से परमपिता परमात्मा शिव का संदेश सुनकर जीवन सफल बनाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
मेले में सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े दस बजे तक व शाम को साढ़े छह बजे से आध्यात्मिक शिविर का आयोजन हो रहा है। आध्यात्मिक शिविर में भाग लेने के लिए काफी श्रद्धालु आ रहे हैं। अमरनाथ की पहाड़ी पर मेले में आने वाले श्रद्धालु बार बार चढ़कर देख रहे हैं। यहां मेले में ब्रह्मकुमारी सेंटर प्रभारी सुरेश दीदी ने कहा कि देशभर में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की याद में 12 ज्योर्तिलिंगम की स्थापना की गई है। भक्तों के मन में इनके लिए अपार श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ के दर्शकों की ललक परमात्मा के दर्शनों व प्रेम में दीवाने भक्तों को दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़ने को मजबूर कर देती है। भक्तों की इसी भावना को ध्यान में रखते हुए मेले में बाबा बर्फानी की झांकी बनाई गई है। भगवान शिव निराकार, अजर अमर व अविनाशी हैं। शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव ने पार्वती को अमरनाथ में अमरत्व प्राप्त करने की कथा सुनाई थी। इसलिए शिव को अमरनाथ नाम से पूजा जाता है। उन्होंने अमरनाथ का आध्यात्मिक महत्व बताया। इस अमरकथा को सुनकर कोई भी अमरत्व को प्राप्त करके सतयुग स्वर्ग में जाने का अधिकारी बन सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से परमपिता परमात्मा शिव का संदेश सुनकर जीवन सफल बनाने का आह्वान किया।
विज्ञापन