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बंदरों ने रेलिंग गिराई, वृद्घ की मौत
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:19 AM IST
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बंदरों ने रेलिंग गिराई बुजुर्ग की मौत
राजा का ताजपुर (बिजनौर)। गांव गुनियाखेड़ी में बंदरों ने एक मकान की रेलिंग गिरा दी। इससे नीचे बैठे एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसे में वहां मौजूद कई अन्य ग्रामीण बाल-बाल बच गए।
ताजपुर क्षेत्र के ग्राम गुनियाखेड़ी में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। शुक्रवार देर शाम गांव निवासी मनोहर सिंह (70) गांव के कुछ लोगों के साथ डॉ. राम सिंह के क्लीनिक पर बैठे बात कर रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे बंदरों ने मकान के ऊपर चढ़कर ईंटों की बनी रेलिंग को हिलाना शुरू कर दिया। काफी देर तक बंदरों ने रेलिंग हिलाई तो वह भरभराकर गिर गई। छज्जे के नीचे बैठे मनोहर सिंह ईंटों के नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। हादसे के समय वहां काफी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे। रेलिंग गिरने से वह बाल-बाल बच गए। मनोहर सिंह की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। ग्रामवासियों ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में गांव में बंदरों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बंदर कई व्यक्तियों को काटकर घायल कर चुके हैं। कस्बावासियों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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राजा का ताजपुर (बिजनौर)। गांव गुनियाखेड़ी में बंदरों ने एक मकान की रेलिंग गिरा दी। इससे नीचे बैठे एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसे में वहां मौजूद कई अन्य ग्रामीण बाल-बाल बच गए।
ताजपुर क्षेत्र के ग्राम गुनियाखेड़ी में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। शुक्रवार देर शाम गांव निवासी मनोहर सिंह (70) गांव के कुछ लोगों के साथ डॉ. राम सिंह के क्लीनिक पर बैठे बात कर रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे बंदरों ने मकान के ऊपर चढ़कर ईंटों की बनी रेलिंग को हिलाना शुरू कर दिया। काफी देर तक बंदरों ने रेलिंग हिलाई तो वह भरभराकर गिर गई। छज्जे के नीचे बैठे मनोहर सिंह ईंटों के नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। हादसे के समय वहां काफी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे। रेलिंग गिरने से वह बाल-बाल बच गए। मनोहर सिंह की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। ग्रामवासियों ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में गांव में बंदरों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बंदर कई व्यक्तियों को काटकर घायल कर चुके हैं। कस्बावासियों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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