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30 किलोमीटर के अंदर दिखीं 15 डॉल्फिन
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बिजनौर में गंगा बैराज पर डॉल्फिन की गणना करने पहुंची टीम।
- फोटो : BIJNOR
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30 किलोमीटर के अंदर दिखीं 15 डॉल्फिन
बिजनौर। वन्य जीव संस्थान देहरादून और डब्ल्यूडब्ल्यू एफ की टीम ने गंगा बैराज से डॉल्फिन गणना शुरू कर दी है। पहले दिन ही टीम को करीब 30 किलोमीटर की दूरी में 15 डॉल्फिन दिखाई दीं। टीम आसपास के गांव वालों को भी जलीय जीवों का शिकार न करने की अपील कर रही है।
बैराज से डॉल्फिन की गणना करने वाली टीम को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डायरेक्टर सुरेश बाबू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि जलीय जीव ही नदियों को प्रदूषित होने से रोकते हैं। जलीय जीवों की रक्षा के लिए हमें भी इनका शिकार नहीं करना चाहिए। कहा कि गंगा में हर साल डॉल्फिन की संख्या बढ़ रही है, जिसका मतलब है कि गंगा का पानी साफ है और लोग जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। गणना में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव, कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान, वन्य जीव संस्थान के प्रोफेसर कमर कुरैशी, वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रिया आदि मौजूद रहे।
शाहनवाज खान ने बताया कि टीम ने गंगा में पहले दिन करीब 30 किलोमीटर तक बिजनौर बैराज से मेरठ क्षेत्र के सुरजापुर तक का सफर तय किया गया है। पहले दिन ही 15 जगह डॉल्फिन दिखी हैं। इसका डाटा एकत्र किया जा रहा है। पिछली गणना की बात करें तो बिजनौर से नरोरा तक 41 डॉल्फिन देखी गई थीं। अभी डॉल्फिन गणना जारी रहेगी। देशभर की सभी नदियों में डॉल्फिन गणना होनी है जिसकी शुरुआत बिजनौर बैराज से हुई है।
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बिजनौर। वन्य जीव संस्थान देहरादून और डब्ल्यूडब्ल्यू एफ की टीम ने गंगा बैराज से डॉल्फिन गणना शुरू कर दी है। पहले दिन ही टीम को करीब 30 किलोमीटर की दूरी में 15 डॉल्फिन दिखाई दीं। टीम आसपास के गांव वालों को भी जलीय जीवों का शिकार न करने की अपील कर रही है।
बैराज से डॉल्फिन की गणना करने वाली टीम को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डायरेक्टर सुरेश बाबू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि जलीय जीव ही नदियों को प्रदूषित होने से रोकते हैं। जलीय जीवों की रक्षा के लिए हमें भी इनका शिकार नहीं करना चाहिए। कहा कि गंगा में हर साल डॉल्फिन की संख्या बढ़ रही है, जिसका मतलब है कि गंगा का पानी साफ है और लोग जलीय जीवों के संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं। गणना में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव, कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान, वन्य जीव संस्थान के प्रोफेसर कमर कुरैशी, वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रिया आदि मौजूद रहे।
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शाहनवाज खान ने बताया कि टीम ने गंगा में पहले दिन करीब 30 किलोमीटर तक बिजनौर बैराज से मेरठ क्षेत्र के सुरजापुर तक का सफर तय किया गया है। पहले दिन ही 15 जगह डॉल्फिन दिखी हैं। इसका डाटा एकत्र किया जा रहा है। पिछली गणना की बात करें तो बिजनौर से नरोरा तक 41 डॉल्फिन देखी गई थीं। अभी डॉल्फिन गणना जारी रहेगी। देशभर की सभी नदियों में डॉल्फिन गणना होनी है जिसकी शुरुआत बिजनौर बैराज से हुई है।
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