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आसवनी प्लांट की जांच करने पहुंची टीम
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आसवनी प्लांट की जांच करने पहुंची टीम
नजीबाबाद। ग्राम प्रधान संगठन और ग्रामीणों की ओर से चीनी मिल के आसवनी प्लांट से फसलें नष्ट होने, कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने गांव चंदनपुरा पहुंच कर आसवनी प्लांट के प्रदूषित पानी से पहुंचे नुकसान का जायजा लिया।
ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले ग्राम पंचायत मथुरापुरमोर, जसवंतपुर लुकादड़ी, मोअज्जमपुर तुलसी और अकबरपुर चौगांवा के ग्राम प्रधानों ने किसान सहकारी चीनी मिल के आसवनी प्लांट से चंदनपुरा क्षेत्र की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचने की शिकायत जिला प्रशासन को भेजी थी। ग्राम पंचायत मथुरापुरमोर की ग्राम प्रधान मंजू देवी के नेतृत्व में भेजी गई शिकायत में प्लांट के गंदे पानी और राख से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने तथा प्रदूषित वातावरण से छह माह के भीतर तीन लोगों की मौत होने का मामला जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष उठाया गया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिजनौर के सहायक पर्यावरण अभियंता अजय कुमार कुशवाहा, जूनियर रिसर्च फैलो नारायणदत्त पाठक ने चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान पति सतीश चौहान, क्षेत्रीय ग्रामीणों इदरीस, महबूब, अकबर आदि की उपस्थिति में टीम ने चंदनपुरा के प्रभावित कृषि क्षेत्र का निरीक्षण किया। सहायक पर्यावरण अभियंता अजय कुशवाहा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में आसवनी प्लांट का स्पेंट वॉश खेतों में जमा पाया गया है। उन्होंने बताया स्पेंट वॉश से कृषि भूमि, पेड़-पौधों सहित क्षेत्र का वातावरण प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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नजीबाबाद। ग्राम प्रधान संगठन और ग्रामीणों की ओर से चीनी मिल के आसवनी प्लांट से फसलें नष्ट होने, कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। टीम ने गांव चंदनपुरा पहुंच कर आसवनी प्लांट के प्रदूषित पानी से पहुंचे नुकसान का जायजा लिया।
ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले ग्राम पंचायत मथुरापुरमोर, जसवंतपुर लुकादड़ी, मोअज्जमपुर तुलसी और अकबरपुर चौगांवा के ग्राम प्रधानों ने किसान सहकारी चीनी मिल के आसवनी प्लांट से चंदनपुरा क्षेत्र की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचने की शिकायत जिला प्रशासन को भेजी थी। ग्राम पंचायत मथुरापुरमोर की ग्राम प्रधान मंजू देवी के नेतृत्व में भेजी गई शिकायत में प्लांट के गंदे पानी और राख से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने तथा प्रदूषित वातावरण से छह माह के भीतर तीन लोगों की मौत होने का मामला जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष उठाया गया था।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिजनौर के सहायक पर्यावरण अभियंता अजय कुमार कुशवाहा, जूनियर रिसर्च फैलो नारायणदत्त पाठक ने चीनी मिल के प्रशासनिक अधिकारी रामेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान पति सतीश चौहान, क्षेत्रीय ग्रामीणों इदरीस, महबूब, अकबर आदि की उपस्थिति में टीम ने चंदनपुरा के प्रभावित कृषि क्षेत्र का निरीक्षण किया। सहायक पर्यावरण अभियंता अजय कुशवाहा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में आसवनी प्लांट का स्पेंट वॉश खेतों में जमा पाया गया है। उन्होंने बताया स्पेंट वॉश से कृषि भूमि, पेड़-पौधों सहित क्षेत्र का वातावरण प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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