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मालन नदी से हो रहे कटान से कई परिवार प्रभावित
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:17 PM IST
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नजीबाबाद । मालन नदी से हो रहे कटान को रोकने के लिए आखिरकार महिलाओं को घरों से निकलना पड़ा। कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर कई महिलाएं तहसील पहुंचीं और प्रशासन से कटान रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की।
नगरपालिका परिषद के वार्ड 12 के सभासद रणधावा सिंह के नेतृत्व में मालन नदी तट पर स्थित गांव शाहपुर और कछियाना बस्ती की कई महिलाएं मंगलवार को तहसील पहुंचीं। एसडीएम से मिली महिलाओं ने बताया कि मालन नदी पर पुल बनने से पहले ही मालन नदी ने मुख्य धारा के दोनों ओर काफी कटान किया। जिससे कई किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गए। आवागमन की सुविधा को देखते हुए मालन नदी पर पुल बनाने के बाद से किसी ने नदी से होने वाले नुकसान की ओर मुड़कर नहीं देखा। महिलाओं पुष्पा, लक्ष्मी, कमला, दयावती, सुधा, प्रेमवती, कलावती, मुन्नी आदि का कहना था कि पुल बनने के दौरान नदी अपना रुख बदल चुकी थी। उस समय कुछ मलबा और पत्थर डालकर कटान रोकने की औपचारिकता की गई। महिलाओं परमवती, ऊषा देवी, मूर्ति, ओमवती आदि ने मालन नदी से हो रहे कटान को रोकने के लिए अभी से सार्थक कदम उठाकर बचाव कार्य करने की मांग की। ताकि वर्षाकाल में तटीय किसानों और आबादी क्षेत्र को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
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नगरपालिका परिषद के वार्ड 12 के सभासद रणधावा सिंह के नेतृत्व में मालन नदी तट पर स्थित गांव शाहपुर और कछियाना बस्ती की कई महिलाएं मंगलवार को तहसील पहुंचीं। एसडीएम से मिली महिलाओं ने बताया कि मालन नदी पर पुल बनने से पहले ही मालन नदी ने मुख्य धारा के दोनों ओर काफी कटान किया। जिससे कई किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गए। आवागमन की सुविधा को देखते हुए मालन नदी पर पुल बनाने के बाद से किसी ने नदी से होने वाले नुकसान की ओर मुड़कर नहीं देखा। महिलाओं पुष्पा, लक्ष्मी, कमला, दयावती, सुधा, प्रेमवती, कलावती, मुन्नी आदि का कहना था कि पुल बनने के दौरान नदी अपना रुख बदल चुकी थी। उस समय कुछ मलबा और पत्थर डालकर कटान रोकने की औपचारिकता की गई। महिलाओं परमवती, ऊषा देवी, मूर्ति, ओमवती आदि ने मालन नदी से हो रहे कटान को रोकने के लिए अभी से सार्थक कदम उठाकर बचाव कार्य करने की मांग की। ताकि वर्षाकाल में तटीय किसानों और आबादी क्षेत्र को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
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