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खेल मंत्री के जिले में धनुष बिना दम तोड़ रही धनु धारियों की प्रतिभा

Wed, 12 Jul 2017 02:19 AM IST
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:19 AM IST
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खेल मंत्री के जिले में धनुष बिना दम तोड़ रही धनु धारियों की प्रतिभा
किसान के बेटा-बेटी ने लकड़ी के धनुष्य से साधा निशाना, राष्ट्रीय स्तर पर झटके स्वर्ण पदक
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दो लाख से अधिक कीमत के कार्बन फाइबर धनुष नहीं मिलने के कारण नहीं खेल पा रहे विश्व स्तरीय प्रतियोगिता

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
भले ही सरकारें खेलों को अधिक महत्व देती हों, लेकिन खिलाड़ियों का हाल बेहाल है। जी हां तीरंदाजी में दर्जनभर से अधिक स्वर्ण पदक झटक चुके जिले के खिलाड़ियों की प्रतिभा दांव पर लगी है। गरीब किसानों के घर में जन्में इन खिलाड़ियों की प्रतिभाएं आधुनिक सुविधाएं नहीं मिल पाने की वजह से दम तोड़ रही है। लकड़ी के धनुष से स्वर्ण पदक जीत चुके इन खिलाड़ियों के लिए मोटी रकम से मिलने वाले कार्बन फाइबर के धनुष की जरूरत है। विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में वह इस धनुष से ही प्रतिद्वंद्वियों को धूल चटा सकेंगे। लेकिन फिलहाल उनके पास यह उपलब्ध नहीं है। प्रदेश के खेल मंत्री के जिले में खिलाड़ी संसाधनों की बाट जोह रहे हैं।
बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट जगत की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाला अमरोहा प्रतिभाओं का मोहताज नहीं है। कमी है तो बस उनके लिए आधुनिक सुविधाओं की। क्रिकेट की दुनिया में जगह बनाकर मोहम्मद शमी ने विश्व में अमरोहा के नाम का डंका बजाया है। वहीं हसनपुर तहसील के गांव करनपुरी निवासी किसान वेदपाल आर्य के बेटा दयानंद आर्य लगातार चार बार एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में निशाना लगा चुका है। नेशनल स्तर पर उसने 5वें और 8वें नंबर पर रहकर 4 स्वर्ण पदक झटके हैं। तो वहीं अमरोहा के गांव सिरसा मोहन निवासी विनोद सिंह की बेटी प्राची भी तीरंदाजी में परिपक्व है। प्राची डीएबी महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही है। चंडीगढ़ में रहकर प्राची उत्तर प्रदेश के लिए निशाना लगाती हैं। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और उत्तराखंड में हुई प्रदेश स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। जिसमें उसने 3 स्वर्ण, चार रजत, नौ कांस्य जीत कर यूपी नहीं अमरोहा का नाम रोशन किया है।
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अब तक 8 हजार रुपये की कीमत वाले लकड़ी के धनुष से राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में तो अपना परचम लहरा दिया। लेकिन अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में करीब दो लाख से अधिक कीमत के कार्बन फाइबर धनुष की जरूरत है। कार्बन फाइवर से बने इसी धनुष से ही वह विश्वस्तरीय प्रतियोगितओं में निशाना लगा सकेंगे। लेकिन धनुष नहीं होने के कारण वह विश्व स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।
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गोल्ड मेडलिस्ट प्राची ने बताया कि वह धनुष के लिए अखिलेश सरकार से लेकर जिले के आला अफसरों से गुहार लगा चुकी हैं। कोई सुनवाई नहीं हो सकी। अब दोनों ही खिलाडियों ने जून माह में योगी सरकार के खेल मंत्री चेतन चौहान को मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र दिया था। एक जुलाई को कैबिनेट मंत्री से मिले भी थे। सरकार की तरफ से धनुष दिलाने की गुहार लगाई है। खेल मंत्री चेतन चौहान ने हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है।

...तो यूपी छोड़ चंडीगढ से निशाना साधेगी प्राची
गोल्ड मेडलिस्ट प्राची का कहना है कि यूपी सरकार के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और उत्तराखंड समेत कई प्रदेश सरकारें अपने खिलाड़ियों को खेल संबंधित उपकरण उपलब्ध कराती हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं नहीं देती है। खेल मंत्री को जून माह में धनुष के लिए पत्र लिखा था। लेकिन कोई जबाव नहीं मिला, जिसके बाद वह परिजनों के साथ एक जुलाई को खुद खेल मंत्री चेतन चौहान से मिली, जिस पर उन्होंने हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। प्राची का कहना है कि अगर सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली, तो वह चंडीगढ़ की तरफ से खेलना शुरू करेंगी।

डीएम के कहने पर भी कंपनियों ने नहीं की मदद
गोल्ड मेडलिस्ट दयानंद आर्य के मुताबिक लकड़ी के धुनष से लगातार चार बार गोल्ड मेडल जीते हैं। लेकिन अब विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए करीब दो लाख से अधिक कीमत के कार्बन फाइबर धनुष की जरूरत है। तत्कालीन डीएम वेदप्रकाश ने मदद दिलाने का भरोसा दिया था। उन्होने गजरौला स्थित कई कंपनियों को लेटर भेजकर मदद कराने के लिए कहा था। लेकिन कोई भी मदद को आगे नहीं आया। फिलहाल लकड़ी के धनुष से घर पर ही प्रेक्टिस करनी पड़ रही है। खेल मंत्री चेतन चौहान को भी मदद के लिए पत्र लिखा था। लेकिन कोई जबाव नही मिला।

सरकार से मुहैया नहीं हो पाती सुविधाएं
उप्र तिरंदाजी संघ के महासचिव अजय गुप्ता का कहना है कि संघ की ओर से खिलाड़ियों का पूरा खर्च उठाया जाता है, तिरंदाजी महंगा खेल है, जिसमें अधिकतर परिवार अपने बच्चों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाते। वहीं सरकार की ओर से प्रतिभाओं को उभारने के लिए कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती, यदि सरकार संसाधन और कोच मुहैया करा दे तो प्रतिभाएं देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगी।


मंत्री जी की सुुनो
तीरंदाजी के खिलाड़ी दयानंद व प्राची ने आधुनिक सुविधाएं सरकार से मुहैया कराने के लिए पत्र दिया था, स्पोर्ट्स विभाग लखनऊ को पत्र भेज दिया है, लखनऊ से कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। जवाब मिलते ही अवगत करा दिया जाएगा।
- चेतन चौहान, कैबिनेट मंत्री।
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