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अटेरना समेत नौ गांवों के लोगों की जान खतरे में, जांच में प्रदूषित निकला पानी
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:43 AM IST
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दूषित पानी भी रहे नौ गांव के लोग, जान का खतरा
आयरन व नाइट्रेड की मात्रा अधिक मिली, कैंसर व लीवर की बीमारी फैलने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
सावधान..., अटेरना समेत नौ गांवों के लोगों की जान खतरे में है। यदि आप इन गांवों के इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीयेंगे तो बीमार पड़ जाएंगे। कैंसर व लीवर संबंधी बीमारी घेर सकती है। जी हां, अप्रैल माह में हैंडपंपों के पानी के जिन नमूनों को अधिकारियों ने लखनऊ जांच को भेजा था, उनकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। पानी प्रदूषित मिला है, जिसमें आयरन व नाईट्रेड की अधिकता पाई गई है। इससे बेचैन अधिकारियों ने अब गांवों के लोगों को जागरूक करने के साथ ही सभी हैंडपंपों पर खतरे का निशान लगाने का फैसला किया है। सभी गांवों में टंकी स्थापित करने को जमीन की मांग की है।
जनपद के अटेरना गांव के अलावा चकमजदीपुर, शहवाजपुर गुर्जर, जीरखी, इब्राहिमपुर, शेखूपुरा, चौहड़ा, रसूलपुर गांवड़ी, ताजपुर में अप्रैल माह में विकास भवन स्थित जिला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से टीम गई थी, जिसने इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच के लिए भरे थे। पानी बोतल में रखने पर काला पड़ रहा था। इसलिए अधिकारियों ने स्थानीय की बजाय नमूनों की जांच लखनऊ लैब में कराने का फैसला लिया था और उनको वहां भेज दिया था।
करीब दो माह बाद सभी गांवों के पानी की जांच रिपोर्ट आई, जिसने अधिकारियों को अचंभित कर दिया है। रिपोर्ट में पानी प्रदूषित मिला है, जिसमें आयरन की मात्रा 0.1 एमजी व नाईट्रेड की मात्रा 45 एमजी से अधिक मिली है। किसी भी गांव के इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं मिला है। अधिकारियों की मानें तो आयरन व नाइट्रेड की वजह से बच्चों में ब्लू बेबी बीमारी हो सकती है। वह नीले पड़ जाएंगे। लीवर डैमेज हो जाता है और कैंसर भी चपेट में ले सकता है। ग्रामीण पानी का प्रयोग न करें, इसके लिए उनको जागरूक किया जाएगा।
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सभी गांवों में बनेंगी टंकियां, जमीन मांगी
अमरोहा। इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिकारी ही नहीं बल्कि ग्रामीण भी बेचैन हैं। अधिकारियों की बात पर यकीन करें तो सभी नौ गांवों में पानी की टंकियां बनेंगी। इसके लिए ग्राम पंचायतों से जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया है। जैसे ही जमीन मिलेगी वैसे ही टंकी बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत टंकी बनाई जाएंगी।
कर्मचारी करेंगे ग्रामीणों को जागरूक
अमरोहा। गांवों के हैंडपंपों का पानी खराब है। इसलिए जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की टीम गांवों में जाएगी और लोगों को जागरूक करेगी। जिला सलाहकार (आईईसी/एचआरडी) मो. उवैस कर्नी ने बताया कि टीम में उनके अलावा जिला सलाहकार भूजल विज्ञानी एवं जल गुणवत्ता इरफान खान व जिला समन्वयक देवेंद्र प्रताप शामिल रहेंगे।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमरोहा। ग्राम पंचायत अटेरना के मझरा मंजूरपुरा के हैंडपंपों के खराब पानी का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। इसमें पांच लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी थी, जबकि नौ लोग लीवर डैमेज की वजह से काल के गाल में समा चुके थे। सभी ग्रामीण प्रदूषित पानी को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। प्राइमरी स्कूल के बच्चे भी गंदे पानी का उपयोग कर रहे थे। इस प्रकरण को अमर उजाला ने जोरदार ढंग से उठाया और अफसरों तक ग्रामीणों के दर्द को पहुंचाया, जिसके बाद ही अधिकारी हरकत में आए और गांव में जाकर पानी के नमूने भरकर जांच को भेजे।
- जिन गांवों का पानी प्रदूषित मिला है, उनमें टंकियों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत से जमीन प्राप्त कराने को कहा गया है। तेजी के साथ टंकी निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- इरफान खान, जिला सलाहकार भूजल विज्ञानी एवं जल गुणवत्ता।
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आयरन व नाइट्रेड की मात्रा अधिक मिली, कैंसर व लीवर की बीमारी फैलने का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
सावधान..., अटेरना समेत नौ गांवों के लोगों की जान खतरे में है। यदि आप इन गांवों के इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीयेंगे तो बीमार पड़ जाएंगे। कैंसर व लीवर संबंधी बीमारी घेर सकती है। जी हां, अप्रैल माह में हैंडपंपों के पानी के जिन नमूनों को अधिकारियों ने लखनऊ जांच को भेजा था, उनकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। पानी प्रदूषित मिला है, जिसमें आयरन व नाईट्रेड की अधिकता पाई गई है। इससे बेचैन अधिकारियों ने अब गांवों के लोगों को जागरूक करने के साथ ही सभी हैंडपंपों पर खतरे का निशान लगाने का फैसला किया है। सभी गांवों में टंकी स्थापित करने को जमीन की मांग की है।
जनपद के अटेरना गांव के अलावा चकमजदीपुर, शहवाजपुर गुर्जर, जीरखी, इब्राहिमपुर, शेखूपुरा, चौहड़ा, रसूलपुर गांवड़ी, ताजपुर में अप्रैल माह में विकास भवन स्थित जिला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से टीम गई थी, जिसने इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच के लिए भरे थे। पानी बोतल में रखने पर काला पड़ रहा था। इसलिए अधिकारियों ने स्थानीय की बजाय नमूनों की जांच लखनऊ लैब में कराने का फैसला लिया था और उनको वहां भेज दिया था।
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करीब दो माह बाद सभी गांवों के पानी की जांच रिपोर्ट आई, जिसने अधिकारियों को अचंभित कर दिया है। रिपोर्ट में पानी प्रदूषित मिला है, जिसमें आयरन की मात्रा 0.1 एमजी व नाईट्रेड की मात्रा 45 एमजी से अधिक मिली है। किसी भी गांव के इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं मिला है। अधिकारियों की मानें तो आयरन व नाइट्रेड की वजह से बच्चों में ब्लू बेबी बीमारी हो सकती है। वह नीले पड़ जाएंगे। लीवर डैमेज हो जाता है और कैंसर भी चपेट में ले सकता है। ग्रामीण पानी का प्रयोग न करें, इसके लिए उनको जागरूक किया जाएगा।
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सभी गांवों में बनेंगी टंकियां, जमीन मांगी
अमरोहा। इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिकारी ही नहीं बल्कि ग्रामीण भी बेचैन हैं। अधिकारियों की बात पर यकीन करें तो सभी नौ गांवों में पानी की टंकियां बनेंगी। इसके लिए ग्राम पंचायतों से जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया है। जैसे ही जमीन मिलेगी वैसे ही टंकी बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत टंकी बनाई जाएंगी।
कर्मचारी करेंगे ग्रामीणों को जागरूक
अमरोहा। गांवों के हैंडपंपों का पानी खराब है। इसलिए जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की टीम गांवों में जाएगी और लोगों को जागरूक करेगी। जिला सलाहकार (आईईसी/एचआरडी) मो. उवैस कर्नी ने बताया कि टीम में उनके अलावा जिला सलाहकार भूजल विज्ञानी एवं जल गुणवत्ता इरफान खान व जिला समन्वयक देवेंद्र प्रताप शामिल रहेंगे।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमरोहा। ग्राम पंचायत अटेरना के मझरा मंजूरपुरा के हैंडपंपों के खराब पानी का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। इसमें पांच लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी थी, जबकि नौ लोग लीवर डैमेज की वजह से काल के गाल में समा चुके थे। सभी ग्रामीण प्रदूषित पानी को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। प्राइमरी स्कूल के बच्चे भी गंदे पानी का उपयोग कर रहे थे। इस प्रकरण को अमर उजाला ने जोरदार ढंग से उठाया और अफसरों तक ग्रामीणों के दर्द को पहुंचाया, जिसके बाद ही अधिकारी हरकत में आए और गांव में जाकर पानी के नमूने भरकर जांच को भेजे।
- जिन गांवों का पानी प्रदूषित मिला है, उनमें टंकियों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत से जमीन प्राप्त कराने को कहा गया है। तेजी के साथ टंकी निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- इरफान खान, जिला सलाहकार भूजल विज्ञानी एवं जल गुणवत्ता।