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राष्ट्रीय लोक अदालत में 11865 वादो का क़या गया निस्तारण
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11865 वादों का किया गया निस्तारण
बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11865 वादो का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 12 लाख 47 हजार 705 रुपये का जुर्माना वसूला गया एवं 18 करोड़ 50 लाख 41 हजार 565 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
प्राधिकरण के सचिव शिवानंद गुप्ता के अनुसार जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। लोक अदालत में जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने चार वादों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव पांडेय द्वारा 36 वादों का निस्तारण करते हुए 52 हजार रुपये एवं अतिरिक्त परिवार न्यायालय की न्यायाधीश चित्रा शर्मा द्वारा तीन लाख पांच हजार रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी प्रमोद कुमार द्वारा मोटर दुर्घटना के 23 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये की मोटर दुर्घटना मुआवजा धनराशि दिलाई गई। अतिरिक्त न्यायाधीश आरए कौशिक द्वारा 25 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 20 लाख 32 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। सिविल जज एसडी रचना ने 14 वादों में 61 लाख 39 हजार 919 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। डीएम उमेश मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व न्यायालय द्वारा 6197 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक रिकवरी के मामलों में एडीजे कंचन सागर के निर्देशन में पंजाब नेशनल बैंक में करीब 600 वादों का निस्तारण किया। बैंक रिकवरी के 828 मामलो में 15 करोड़ 23 लाख 11 हजार 802 रुपये की समझौता धनराशि वसूली गई। एडीजे हनी गोयल ने 514 वादों में दो हजार रुपये, एडीजे पोक्सो पारुल जैन ने चार वादो में दो हजार रुपये, एडीजे बलजौर सिंह ने चार वादों में 500 रुपये, सीजेएम विमल त्रिपाठी द्वारा 650 वादों में पांच लाख 57 हजार 130 रुपये, एसीजेएम शारिब अली ने 571 वादो में 49 हजार, अपर सिविल जज सीडी अभिनव यादव ने 356 वादों में 65 हजार 700 रुपये, अपर सिविल जज सीडी अनीशा ने 189 वादों में 17 हजार 200 रुपये, एसीजेएम शोभित बंसल ने 73 वादो में 11 हजार 20 रुपये, सिविल जज सीडी फास्ट ट्रैक कोर्ट नीलम सरोज ने 40 वादो में 39 हजार 500 रुपये, अपर सिविल जज जेडी दीक्षा त्यागी ने 6 वादो में दो हजार रुपये, अपर सिविल जज जेडी अनुष्का चौधरी ने सात वादों में पांच हजार रुपये, अपर सिविल जज जेडी शालनी चौधरी ने 12 वादो में पांच हजार 850 रुपये, अपर सिविल जज जेडी अन्नपूर्णा ने 9 वादो में 760 रुपये, अपर सिविल जज जेडी महिमा सिंह ने तीन वादों में 800 रुपये, एसीजेएम नगीना आमोद कांत ने 257 वादो में 62695 रुपये जुर्माना वसूला। सिविल जज जेडी नगीना देवेंद्र कुमार ने 413 वादो में 20 लाख 72 हजार 619 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। तथा एक लाख 75 हजार 360 रुपये का जुर्माना वसूला। सिविल जज जेडी अखिल कुमार निझावन ने 629 वादों में एक लाख 53 हजार 560 रुपये, सिविल जज जेडी नजीबाबाद इंदु रानी ने 346 वादों में 11 हजार 40 रुपये, सिविल जज जेडी चांदपुर निपेंद्र कुमार ने 383 वादों में 30 हजार 570 रुपये, अपर सिविल जज जेडी नगीना अरुण गौतम ने 135 वादो 53 हजार 980 रुपये की धनराशि वसूल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार ने 32 वादो का निस्तारण किया।
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11865 वादो का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 12 लाख 47 हजार 705 रुपये का जुर्माना वसूला गया एवं 18 करोड़ 50 लाख 41 हजार 565 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
प्राधिकरण के सचिव शिवानंद गुप्ता के अनुसार जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। लोक अदालत में जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने चार वादों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संजीव पांडेय द्वारा 36 वादों का निस्तारण करते हुए 52 हजार रुपये एवं अतिरिक्त परिवार न्यायालय की न्यायाधीश चित्रा शर्मा द्वारा तीन लाख पांच हजार रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी प्रमोद कुमार द्वारा मोटर दुर्घटना के 23 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 12 लाख 40 हजार रुपये की मोटर दुर्घटना मुआवजा धनराशि दिलाई गई। अतिरिक्त न्यायाधीश आरए कौशिक द्वारा 25 वादों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 20 लाख 32 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। सिविल जज एसडी रचना ने 14 वादों में 61 लाख 39 हजार 919 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। डीएम उमेश मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व न्यायालय द्वारा 6197 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक रिकवरी के मामलों में एडीजे कंचन सागर के निर्देशन में पंजाब नेशनल बैंक में करीब 600 वादों का निस्तारण किया। बैंक रिकवरी के 828 मामलो में 15 करोड़ 23 लाख 11 हजार 802 रुपये की समझौता धनराशि वसूली गई। एडीजे हनी गोयल ने 514 वादों में दो हजार रुपये, एडीजे पोक्सो पारुल जैन ने चार वादो में दो हजार रुपये, एडीजे बलजौर सिंह ने चार वादों में 500 रुपये, सीजेएम विमल त्रिपाठी द्वारा 650 वादों में पांच लाख 57 हजार 130 रुपये, एसीजेएम शारिब अली ने 571 वादो में 49 हजार, अपर सिविल जज सीडी अभिनव यादव ने 356 वादों में 65 हजार 700 रुपये, अपर सिविल जज सीडी अनीशा ने 189 वादों में 17 हजार 200 रुपये, एसीजेएम शोभित बंसल ने 73 वादो में 11 हजार 20 रुपये, सिविल जज सीडी फास्ट ट्रैक कोर्ट नीलम सरोज ने 40 वादो में 39 हजार 500 रुपये, अपर सिविल जज जेडी दीक्षा त्यागी ने 6 वादो में दो हजार रुपये, अपर सिविल जज जेडी अनुष्का चौधरी ने सात वादों में पांच हजार रुपये, अपर सिविल जज जेडी शालनी चौधरी ने 12 वादो में पांच हजार 850 रुपये, अपर सिविल जज जेडी अन्नपूर्णा ने 9 वादो में 760 रुपये, अपर सिविल जज जेडी महिमा सिंह ने तीन वादों में 800 रुपये, एसीजेएम नगीना आमोद कांत ने 257 वादो में 62695 रुपये जुर्माना वसूला। सिविल जज जेडी नगीना देवेंद्र कुमार ने 413 वादो में 20 लाख 72 हजार 619 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई। तथा एक लाख 75 हजार 360 रुपये का जुर्माना वसूला। सिविल जज जेडी अखिल कुमार निझावन ने 629 वादों में एक लाख 53 हजार 560 रुपये, सिविल जज जेडी नजीबाबाद इंदु रानी ने 346 वादों में 11 हजार 40 रुपये, सिविल जज जेडी चांदपुर निपेंद्र कुमार ने 383 वादों में 30 हजार 570 रुपये, अपर सिविल जज जेडी नगीना अरुण गौतम ने 135 वादो 53 हजार 980 रुपये की धनराशि वसूल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार ने 32 वादो का निस्तारण किया।
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