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हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रशासन हरकत में आया
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:30 AM IST
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हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद हरकत में आया प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
हाईकोर्ट के धर्मस्थलों पर लगे लाउडस्पीकर के बारे में कड़ी टिप्पणी करने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने सभी धर्म स्थलों से ब्यौरा मांगा है कि उन्होंने लाउडस्पीकर लगाने की उनके पास अनुमति है या नहीं।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकार ने बिना अनुमति धर्म स्थलों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों पर नकेल कसने का निर्णय लिया है। 15 जनवरी के बाद इन लाउडस्पीकरों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद धर्म स्थलों से जुड़े लोगों मेें खलबली मची है। जिन धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति नहीं है वे प्रशासन से अनुमति लेने में जुट गए हैं। प्रशासन ने धर्म स्थलों से ये ब्यौरा मांगना शुरू कर दिया हैं कि उनके पास लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति है या नहीं। एडीएम वीके सिंह के मुताबिक सभी धर्म स्थलों से अनुमति की सूचना मांगी जा रही है। अभी नई अनुमति लेने का किसी ने आवेदन नहीं किया है। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक अभी शासनादेश नहीं मिला है। शासनादेश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
लाउडस्पीकर को लेकर हो चुका विवाद
जिले में धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने को कई जगह विवाद हो चुका है। नजीबाबाद क्षेत्र के जोगीरम्मपुरी में कई दिनों तक धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद रहा था। प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। बाद में दोनों पक्षों से वार्ता के बाद धर्म स्थल से लाउडस्पीकर हटवा दिए गए थे। किरतपुर क्षेत्र के गांव शाहअलीपुर अब्दुल सत्तार उर्फ मदनपुर गांव में भी दो धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने को विवाद हो गया था। बाद में प्रशासन ने दोनों लाउडस्पीकर हटवा दिए थे। झालू में भी एक धर्म स्थल पर लाउडस्पीकर को लेकर विवाद भी लाउडस्पीकर हटने के बाद विवाद खत्म हुआ था।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
हाईकोर्ट के धर्मस्थलों पर लगे लाउडस्पीकर के बारे में कड़ी टिप्पणी करने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने सभी धर्म स्थलों से ब्यौरा मांगा है कि उन्होंने लाउडस्पीकर लगाने की उनके पास अनुमति है या नहीं।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकार ने बिना अनुमति धर्म स्थलों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों पर नकेल कसने का निर्णय लिया है। 15 जनवरी के बाद इन लाउडस्पीकरों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद धर्म स्थलों से जुड़े लोगों मेें खलबली मची है। जिन धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति नहीं है वे प्रशासन से अनुमति लेने में जुट गए हैं। प्रशासन ने धर्म स्थलों से ये ब्यौरा मांगना शुरू कर दिया हैं कि उनके पास लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति है या नहीं। एडीएम वीके सिंह के मुताबिक सभी धर्म स्थलों से अनुमति की सूचना मांगी जा रही है। अभी नई अनुमति लेने का किसी ने आवेदन नहीं किया है। एसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक अभी शासनादेश नहीं मिला है। शासनादेश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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लाउडस्पीकर को लेकर हो चुका विवाद
जिले में धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने को कई जगह विवाद हो चुका है। नजीबाबाद क्षेत्र के जोगीरम्मपुरी में कई दिनों तक धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद रहा था। प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। बाद में दोनों पक्षों से वार्ता के बाद धर्म स्थल से लाउडस्पीकर हटवा दिए गए थे। किरतपुर क्षेत्र के गांव शाहअलीपुर अब्दुल सत्तार उर्फ मदनपुर गांव में भी दो धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने को विवाद हो गया था। बाद में प्रशासन ने दोनों लाउडस्पीकर हटवा दिए थे। झालू में भी एक धर्म स्थल पर लाउडस्पीकर को लेकर विवाद भी लाउडस्पीकर हटने के बाद विवाद खत्म हुआ था।
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