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आयोजित होंगे वृक्ष भंडारे, पौधे दान दिए जाएंगे
Updated Thu, 17 May 2018 11:48 PM IST
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आयोजित होंगे वृक्ष भंडारे, पौध दान दिए जाएंगे
बिजनौर। हरियाली बढ़ाना अब केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं रहेगी। इसके लिए अब वृक्षों के भंडारे होंगे। जो लोग पौधरोपण के दौरान अपना समय नहीं दे सकते वे वृक्ष भंडारा और पौधा दान करेंगे। अधिक से अधिक लोगों को एक-एक वृक्ष गोद लेकर उसका ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक व्यक्ति, एक वृक्ष योजना शुरू की है।
पौधरोपण करने के लिए हर साल अभियान चलाया जाता है। गांवों से लेकर शहर तक में पौधरोपण होता है। स्कूल-कॉलेजों को भी इस अभियान में शामिल किया जाता है। ग्लोबल वॉर्मिंग के खतरे को कम करने, पर्यावरण को संतुलित रखने, हरियाली बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया जाता है। लेकिन अब पौधरोपण केवल सरकारी अभियान तक ही सीमित नहीं रहेगा। अब पौधरोपण को एक जन आंदोलन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पहल की है।
प्रदेश सरकार ने ‘एक व्यक्ति, एक वृक्ष’ योजना शुरू की है। इस योजना में अधिक से अधिक लोगों को एक-एक पौधा लगाकर उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यानि केवल पौधरोपण करने पर ही जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। पौधे की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी उसे गोद लेने वाले की होगी। काफी लोग ऐसे होते हैं जो पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेना चाहते हैं, लेकिन उनके पास इसके लिए समय नहीं होता है। ऐसे लोगों को वृक्ष भंडारे और पौधे दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वृक्ष भंडारे में इच्छुक व्यक्ति, परिवार या ग्रुप द्वारा पौधे खरीदे जाएंगे। वे इन पौधों को एक दिन निर्धारित कर जनता को बांटेंगे। जो भी जितने पौधे चाहे ले सकता है। इन पौधों को ले जाने वाले खुद ही पौधरोपण करेंगे।
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जो व्यक्ति या परिवार वृक्ष भंडारे के लिए भी समय नहीं निकाल पाते हैं वे वृक्ष दान करेंगे। जितने पौधे कोई जनता के सहयोग से लगवाना चाहता है, वन विभाग की वेबसाइट पर जाकर उनका ऑनलाइन भुगतान शासन को कर सकता है। वन विभाग उन रुपयों के पौधे खरीदकर विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट के सहयोग से पौधरोपण कराएगा। इस दौरान पौधरोपण वाले स्थान पर वृक्षदान करने वाले का बैनर भी लगाया जाएगा।
पौधे ही सुधारेंगे बिगड़ा हुआ प्रदूषण
वन विभाग के एसडीओ जीसी त्रिपाठी के अनुसार हर व्यक्ति कार, बाइक चलाने, एसी, फ्रिज आदि का प्रयोग करने और अन्य कारणों से पर्यावरण प्रदूषण करता है। कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन आदि का प्रतिदिन उत्सर्जन होता है। एक व्यक्ति अपने 60 साल तक के जीवन में जितना पर्यावरण प्रदूषित करता है उसे एक पेड़ 30 साल की आयु तक खत्म कर देता है। वर्तमान में मनुष्य का खानपान व रहन-सहन बहुत बिगड़ा हुआ है। अपने शरीर को स्वस्थ करने के लिए मार्निंग वॉक, योग आदि का सहारा लेते हैं। लेकिन पर्यावरण को प्रदूषित करने के लिए निजी स्तर पर प्रयास नहीं किए जाते हैं। पर्यावरण के बिगड़े स्वरूप को केवल अधिक से अधिक पौधरोपण करके ही संतुलित किया जा सकता है।
जन्मदिन पर उपहार नहीं पौधे भेंट करें
परिजन अपने बच्चों के जन्मदिन पर अनेक कार्यक्रम करते हैं। उन्हें उपहार भी देते हैं। अब समय आ गया है कि बच्चों को उपहार में पौधा भी देकर उसकी देखभाल के लिए प्रेरित किया जाए। बच्चों को पेड़-पौधों की देखभाल के लिए अभी से प्रेरित किया जाना चाहिए। शासन की इन योजनाओं में हिस्सा लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। इसके लिए वेबसाइट gangaseva.upsdc.gov.in पर जाकर संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक तीनों योजनाओं में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा। जिलेवासी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण दे सकते हैं।
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बिजनौर। हरियाली बढ़ाना अब केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं रहेगी। इसके लिए अब वृक्षों के भंडारे होंगे। जो लोग पौधरोपण के दौरान अपना समय नहीं दे सकते वे वृक्ष भंडारा और पौधा दान करेंगे। अधिक से अधिक लोगों को एक-एक वृक्ष गोद लेकर उसका ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने एक व्यक्ति, एक वृक्ष योजना शुरू की है।
पौधरोपण करने के लिए हर साल अभियान चलाया जाता है। गांवों से लेकर शहर तक में पौधरोपण होता है। स्कूल-कॉलेजों को भी इस अभियान में शामिल किया जाता है। ग्लोबल वॉर्मिंग के खतरे को कम करने, पर्यावरण को संतुलित रखने, हरियाली बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया जाता है। लेकिन अब पौधरोपण केवल सरकारी अभियान तक ही सीमित नहीं रहेगा। अब पौधरोपण को एक जन आंदोलन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पहल की है।
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प्रदेश सरकार ने ‘एक व्यक्ति, एक वृक्ष’ योजना शुरू की है। इस योजना में अधिक से अधिक लोगों को एक-एक पौधा लगाकर उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यानि केवल पौधरोपण करने पर ही जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। पौधे की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी उसे गोद लेने वाले की होगी। काफी लोग ऐसे होते हैं जो पौधरोपण अभियान में हिस्सा लेना चाहते हैं, लेकिन उनके पास इसके लिए समय नहीं होता है। ऐसे लोगों को वृक्ष भंडारे और पौधे दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वृक्ष भंडारे में इच्छुक व्यक्ति, परिवार या ग्रुप द्वारा पौधे खरीदे जाएंगे। वे इन पौधों को एक दिन निर्धारित कर जनता को बांटेंगे। जो भी जितने पौधे चाहे ले सकता है। इन पौधों को ले जाने वाले खुद ही पौधरोपण करेंगे।
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जो व्यक्ति या परिवार वृक्ष भंडारे के लिए भी समय नहीं निकाल पाते हैं वे वृक्ष दान करेंगे। जितने पौधे कोई जनता के सहयोग से लगवाना चाहता है, वन विभाग की वेबसाइट पर जाकर उनका ऑनलाइन भुगतान शासन को कर सकता है। वन विभाग उन रुपयों के पौधे खरीदकर विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट के सहयोग से पौधरोपण कराएगा। इस दौरान पौधरोपण वाले स्थान पर वृक्षदान करने वाले का बैनर भी लगाया जाएगा।
पौधे ही सुधारेंगे बिगड़ा हुआ प्रदूषण
वन विभाग के एसडीओ जीसी त्रिपाठी के अनुसार हर व्यक्ति कार, बाइक चलाने, एसी, फ्रिज आदि का प्रयोग करने और अन्य कारणों से पर्यावरण प्रदूषण करता है। कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड, नाइट्रोजन आदि का प्रतिदिन उत्सर्जन होता है। एक व्यक्ति अपने 60 साल तक के जीवन में जितना पर्यावरण प्रदूषित करता है उसे एक पेड़ 30 साल की आयु तक खत्म कर देता है। वर्तमान में मनुष्य का खानपान व रहन-सहन बहुत बिगड़ा हुआ है। अपने शरीर को स्वस्थ करने के लिए मार्निंग वॉक, योग आदि का सहारा लेते हैं। लेकिन पर्यावरण को प्रदूषित करने के लिए निजी स्तर पर प्रयास नहीं किए जाते हैं। पर्यावरण के बिगड़े स्वरूप को केवल अधिक से अधिक पौधरोपण करके ही संतुलित किया जा सकता है।
जन्मदिन पर उपहार नहीं पौधे भेंट करें
परिजन अपने बच्चों के जन्मदिन पर अनेक कार्यक्रम करते हैं। उन्हें उपहार भी देते हैं। अब समय आ गया है कि बच्चों को उपहार में पौधा भी देकर उसकी देखभाल के लिए प्रेरित किया जाए। बच्चों को पेड़-पौधों की देखभाल के लिए अभी से प्रेरित किया जाना चाहिए। शासन की इन योजनाओं में हिस्सा लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। इसके लिए वेबसाइट gangaseva.upsdc.gov.in पर जाकर संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक तीनों योजनाओं में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा। जिलेवासी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण दे सकते हैं।