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कैसा पानी पी रहे नागरिक, पीएचसी को पता नहीं
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:13 AM IST
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नजीबाबाद। स्वास्थ्य विभाग नजीबाबाद वासियों के स्वास्थ्य को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। दरअसल नगरपालिका परिषद द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति की आकस्मिक जांच स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बीते करीब तीन वर्षों से नहीं की गई है। गजब तो यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी जिम्मेदारी का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोड़ रहे हैं।
नजीबाबाद नगरपालिका क्षेत्र में 16 नलकूप और एक ओवरहेड टैंक हैं। इनसे नगर के सैकड़ों परिवारों को जलापूर्ति की जाती है। हर घर को शुद्ध पानी मिले, इसके लिए नगरपालिका कर्मचारी बेहतर इंतजाम का दावा करते हैं, मगर इसके बावजूद नगरपालिका परिषद की जलापूर्ति की आकस्मिक जांच की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी यह जिम्मेदारी केवल कागजों पर ही निभा रहे हैं। यह इस बात से ही स्पष्ट हो जाता है कि उनके द्वारा बीते करीब तीन वर्षों से नगर क्षेत्र की सरकारी जलापूर्ति की सैंपलिंग नहीं की गई है। इस बाबत पूछने पर वैक्सीन कक्ष के प्रभारी राजेंद्र कुमार ने कहा कि उन पर काम का भार काफी है, जिससे वे पानी का नमूना जांच के लिए नहीं ले सके। उन्होंने साथी कर्मचारी कुंवर सिंह पर बात टाल दी, तो जिम्मेदारी का ठीकरा दोनों एक-दूसरे पर फोड़ते नजर आए।
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स्वास्थ्यकर्मी कुंवर सिंह ने बताया कि इस बारे में लैब टेक्नीशियन को बेहतर जानकारी होगी। लैब टेक्नीशियन विजय ने व्यवस्था की जानकारी से इंकार करते हुए पीएचसी के फार्मासिस्ट राजेश कुमार पर बात टाल दी। फार्मासिस्ट राजेश कुमार ने वैक्सीन कक्ष प्रभारी राजेंद्र कुमार द्वारा ही सैंपलिंग किए जाने की बात कही। अलबत्ता यह स्पष्ट हो गया कि पीएचसी कर्मचारियों द्वारा नगर में हो रही जलापूर्ति की परख रामभरोसे छोड़ दी गई है।
पीएचसी के पानी की शुद्धता का भी पता नहीं
नजीबाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी शहर ही नहीं, पीएचसी परिसर में लगे ओवरहेड टैंक से मिलने वाले पानी की जांच के प्रति गंभीर नहीं हैं। ओवरहेड टैंक के पानी तक का नमूना लेकर जांच नहीं की गई है।
जलकल अभियंता कराते हैं जांच
नजीबाबाद। नगरपालिका परिषद के कार्यालय अधीक्षक मुजफ्फर अली ने नगर के सभी नलकूपों पर ऑटोमेटिक सिस्टम से पानी में क्लोरीन शामिल करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि पानी की शुद्धता की जांच समय-समय पर जलकल अभियंता कराई जाती है।
गंभीर नहीं हैं स्वास्थ्यकर्मी
नजीबाबाद। आशा संघ की जिलाध्यक्ष रेशा सैनी ने हैंडपंप खराब होने की बाबत सूचना देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा स्थिति को गंभीरता से न लेने की बात कही। रेशा सैनी का कहना है कि उन्हें यह कहकर चुप कर दिया जाता है कि यह हमारा काम नहीं है।
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नजीबाबाद नगरपालिका क्षेत्र में 16 नलकूप और एक ओवरहेड टैंक हैं। इनसे नगर के सैकड़ों परिवारों को जलापूर्ति की जाती है। हर घर को शुद्ध पानी मिले, इसके लिए नगरपालिका कर्मचारी बेहतर इंतजाम का दावा करते हैं, मगर इसके बावजूद नगरपालिका परिषद की जलापूर्ति की आकस्मिक जांच की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी यह जिम्मेदारी केवल कागजों पर ही निभा रहे हैं। यह इस बात से ही स्पष्ट हो जाता है कि उनके द्वारा बीते करीब तीन वर्षों से नगर क्षेत्र की सरकारी जलापूर्ति की सैंपलिंग नहीं की गई है। इस बाबत पूछने पर वैक्सीन कक्ष के प्रभारी राजेंद्र कुमार ने कहा कि उन पर काम का भार काफी है, जिससे वे पानी का नमूना जांच के लिए नहीं ले सके। उन्होंने साथी कर्मचारी कुंवर सिंह पर बात टाल दी, तो जिम्मेदारी का ठीकरा दोनों एक-दूसरे पर फोड़ते नजर आए।
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स्वास्थ्यकर्मी कुंवर सिंह ने बताया कि इस बारे में लैब टेक्नीशियन को बेहतर जानकारी होगी। लैब टेक्नीशियन विजय ने व्यवस्था की जानकारी से इंकार करते हुए पीएचसी के फार्मासिस्ट राजेश कुमार पर बात टाल दी। फार्मासिस्ट राजेश कुमार ने वैक्सीन कक्ष प्रभारी राजेंद्र कुमार द्वारा ही सैंपलिंग किए जाने की बात कही। अलबत्ता यह स्पष्ट हो गया कि पीएचसी कर्मचारियों द्वारा नगर में हो रही जलापूर्ति की परख रामभरोसे छोड़ दी गई है।
पीएचसी के पानी की शुद्धता का भी पता नहीं
नजीबाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी शहर ही नहीं, पीएचसी परिसर में लगे ओवरहेड टैंक से मिलने वाले पानी की जांच के प्रति गंभीर नहीं हैं। ओवरहेड टैंक के पानी तक का नमूना लेकर जांच नहीं की गई है।
जलकल अभियंता कराते हैं जांच
नजीबाबाद। नगरपालिका परिषद के कार्यालय अधीक्षक मुजफ्फर अली ने नगर के सभी नलकूपों पर ऑटोमेटिक सिस्टम से पानी में क्लोरीन शामिल करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि पानी की शुद्धता की जांच समय-समय पर जलकल अभियंता कराई जाती है।
गंभीर नहीं हैं स्वास्थ्यकर्मी
नजीबाबाद। आशा संघ की जिलाध्यक्ष रेशा सैनी ने हैंडपंप खराब होने की बाबत सूचना देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा स्थिति को गंभीरता से न लेने की बात कही। रेशा सैनी का कहना है कि उन्हें यह कहकर चुप कर दिया जाता है कि यह हमारा काम नहीं है।