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बजट को किसानों से बताया मजाक
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:09 AM IST
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गजरौलाशिव (बिजनौर)। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की गांव स्वाहेड़ी में हुई बैठक में केंद्र सरकार के बजट को किसानों के साथ मजाक बताया गया। गांव गांव में बजट की सच्चाई किसानों को बताने का निर्णय लिया गया।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू ने कहा कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बजट में किसानों द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का भी उल्लेख करने की जरूरत नहीं समझी। खेती से जुड़ी देश की 65 प्रतिशत जनता को बजट में केवल 2.36 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। न तो किसान पेंशन की घोषणा की गई और न ही पेट्रोल, डीजल, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी की घोषणा की। भविष्य में जलवायु परिवर्तन से खेती को होने वाले नुकसान के संबंध में भी कोई राहत वाली बात नहीं की। फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की बात भी चुनावी शिगूफा है। ऐसी स्थिति में किसानों की आय दोगुनी कैसे हो सकती है। इसके विरोध में गांवों में 12 से 19 फरवरी तक गांवों में जाकर किसानों को बजट की सच्चाई बताने का निर्णय लिया गया। बैठक में मनीष कुमार, साकेत कुमार, पुखराज सिंह, नरेश कुमार, पारुल आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ बिट्टू ने कहा कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बजट में किसानों द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का भी उल्लेख करने की जरूरत नहीं समझी। खेती से जुड़ी देश की 65 प्रतिशत जनता को बजट में केवल 2.36 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। न तो किसान पेंशन की घोषणा की गई और न ही पेट्रोल, डीजल, कृषि उपकरणों पर सब्सिडी की घोषणा की। भविष्य में जलवायु परिवर्तन से खेती को होने वाले नुकसान के संबंध में भी कोई राहत वाली बात नहीं की। फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने की बात भी चुनावी शिगूफा है। ऐसी स्थिति में किसानों की आय दोगुनी कैसे हो सकती है। इसके विरोध में गांवों में 12 से 19 फरवरी तक गांवों में जाकर किसानों को बजट की सच्चाई बताने का निर्णय लिया गया। बैठक में मनीष कुमार, साकेत कुमार, पुखराज सिंह, नरेश कुमार, पारुल आदि मौजूद रहे।
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