गोपीगंज। नगर के फूलबाग ईदगाह के समीप स्थित कब्रिस्तान में सोमवार देर शाम उस समय असहज स्थिति बन गई जब एक गमजदा पिता को अपनी बेटी को दफनाने के लिए मुख्य द्वार के बाहर इंतजार करना पड़ा। काफी देर तक किसी के न आने पर आक्रोशित लोगों ने कब्रिस्तान का दरवाजा तोड़कर शव को दफनाया। नगर के फूलबाग निवासी ख्वाजा मैनुद्दीन की 15 वर्षीय बेटी हैदरी की फंदा लगाने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम समेत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद देर शाम जब परिजन किशोरी को सुपुर्द-ए-खाक करने फूलबाग कब्रिस्तान पहुंचे तो मुख्य द्वार पर ताला बंद था। बताया गया कि कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले जिम्मेदार व्यक्ति से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
मोहल्ले के युवकों वसीम अहमद, अर्श रजा और सैफी के अनुसार चाभी लेने जाने पर उन्हें देने से इन्कार कर दिया गया। काफी देर इंतजार के बाद मौजूद लोगों ने मजबूरन मुख्य गेट का ताला तोड़कर किशोरी के जनाजे को अंदर ले जाकर दफन किया। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने बताया कि कब्रिस्तान के प्रबंधन को लेकर दो चचेरे भाइयों के बीच वर्चस्व की बात सामने आ रही है। जिसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। कब्रिस्तान के नायब सदर अच्छु खान ने बताया कि मिट्टी जब गेट पर पहुंचे तो हमसे चाभी मांगी गई, लेकिन मैं घर पर नहीं था तो जिसके पास चाभी थी। उससे लेने के लिए बता दिया, लेकिन वहां से चाभी न लेकर ताला तोड़ दिया गया। चाभी न दिए जाने का आरोप गलत है।