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आफत बनी बारिश, गिरे कच्चा मकान
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बारिश से डीघ के कुरमैचा गांव में डूबी धान की फसल।
- फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। जिले में रुक -रुककर हो रही बारिश अब आफत बन गई है। बृहस्पतिवार को दिन में तीन से चार घंटे तक झमाझम बारिश से हर तरफ पानी-पानी हो गया। कई स्थानों पर जल निकासी की सुविधा न होने से जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया। चौरी के कोम गांव में कच्चा मकान गिरने से हजारों का सामान दबकर नष्ट हो गया।
जिले में मानसून मेहरबान है। महीने भर में एक या दो दिन को छोड़कर आए दिन बारिश हो रही है। जिससे औसत से करीब चार गुना अधिक बारिश हो चुकी है। शुरूआती दौर में धान की रोपाई के लिए बारिश मुफीद रही, लेकिन अब कच्चे घर सीलन से गिरने लगे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। इससे ज्ञानपुर नगर के दुर्गागंज तिराहा, पुरानी कलेक्ट्रेट, प्रोफेसर कॉलोनी, पुरानी बाजार समेत अन्य मोहल्लों में पानी भर गया।
गोपीगंज, सुरियावां, मोढ़, कस्तूरीपुर समेत अन्य बाजारों में भी कई स्थानों पर जलभराव हो गया। चौरी संवाददाता के अनुसार, थानाक्षेत्र के कोम गांव में राधेश्याम सरोज और विवेक सरोज का संयुक्त कच्चा मकान बारिश से गिर गया। मिट्टी गिरने की आवाज सुनकर घर के सभी सदस्य बाहर निकल गए लेकिन गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। सपा नेता सुरेश यादव ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। ऊंज संवाददाता के अनुसार, कुरमैचा गांव में नाला न बनने से ताल में बोई जाने वाली सैकड़ों बीघा फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। सितंबर 2019 में मूसलाधार बारिश के कारण नष्ट फसल का अब तक मुआवजा न पाने वाले किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है।
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ग्रामीणों ने कहा कि जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और सांसद रमेश बिंद ने मौके पर पहुंचकर नाला निर्माण का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक वह नहीं बन सका। जिससे अब खरीफ सीजन की फसल भी नष्ट हो सकती है। किसान रामविलास यादव, धनीशंकर बिंद, मेघनाद बिंद, दीनानाथ यादव, राकेश चतुर्वेदी, रजवंत यादव, शोभनाथ यादव, पंधारी बिंद, कृपाशंकर बिंद, बुधिराम बिंद, लालता बिंद आदि ने प्रशासन से मुआवजे दिलाने की मांग की।
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जिले में मानसून मेहरबान है। महीने भर में एक या दो दिन को छोड़कर आए दिन बारिश हो रही है। जिससे औसत से करीब चार गुना अधिक बारिश हो चुकी है। शुरूआती दौर में धान की रोपाई के लिए बारिश मुफीद रही, लेकिन अब कच्चे घर सीलन से गिरने लगे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। इससे ज्ञानपुर नगर के दुर्गागंज तिराहा, पुरानी कलेक्ट्रेट, प्रोफेसर कॉलोनी, पुरानी बाजार समेत अन्य मोहल्लों में पानी भर गया।
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गोपीगंज, सुरियावां, मोढ़, कस्तूरीपुर समेत अन्य बाजारों में भी कई स्थानों पर जलभराव हो गया। चौरी संवाददाता के अनुसार, थानाक्षेत्र के कोम गांव में राधेश्याम सरोज और विवेक सरोज का संयुक्त कच्चा मकान बारिश से गिर गया। मिट्टी गिरने की आवाज सुनकर घर के सभी सदस्य बाहर निकल गए लेकिन गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। सपा नेता सुरेश यादव ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। ऊंज संवाददाता के अनुसार, कुरमैचा गांव में नाला न बनने से ताल में बोई जाने वाली सैकड़ों बीघा फसल नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। सितंबर 2019 में मूसलाधार बारिश के कारण नष्ट फसल का अब तक मुआवजा न पाने वाले किसानों की परेशानी फिर बढ़ गई है।
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ग्रामीणों ने कहा कि जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और सांसद रमेश बिंद ने मौके पर पहुंचकर नाला निर्माण का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक वह नहीं बन सका। जिससे अब खरीफ सीजन की फसल भी नष्ट हो सकती है। किसान रामविलास यादव, धनीशंकर बिंद, मेघनाद बिंद, दीनानाथ यादव, राकेश चतुर्वेदी, रजवंत यादव, शोभनाथ यादव, पंधारी बिंद, कृपाशंकर बिंद, बुधिराम बिंद, लालता बिंद आदि ने प्रशासन से मुआवजे दिलाने की मांग की।