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स्वर्गवासी भी उठा रहे पीएम किसान का लाभ
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ज्ञानपुर। सुनने में अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन है सोलह आने सच। जिले में स्वर्ग सिधार चुके किसान भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में 415 ऐसे लाभार्थी मिले जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। विभाग ने ऐसे किसानों के खाते से सम्मान निधि की धनराशि वापस कराने के लिए कवायद शुरू कर दी है। बता दें कि इसके लिए बाकायदा पीएम किसान निधि का खाता खुलवाया गया है।
दरअसल जिले में दो लाख 11 हजार 499 किसान हैं। इनमें से दो लाख एक हजार 113 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। दिसंबर 2018 से शुरू योजना में करीब दो साल तक कोई जांच-पड़ताल नहीं की गई। वहीं अपात्रों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलने की शिकायतें भारत सरकार तक पहुंची। ऐसे में सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लोगों की रैंडम सूची तैयार कर जिलेवार भेजी है। उसके बाद कृषि विभाग ने जांच कराई तो 415 ऐसे लाभार्थी किसानों के खाते में भी सम्मान निधि की रकम जा रही थी जो आठ से 10 माह पूर्व स्वर्ग सिधार चुके हैं। सत्यापन के बाद विभाग ऐसे किसानों के खाते से पैसा वापस कराने की मुहिम में जुट गया है। विभागीय सत्यापन में 418 अपात्र भी योजना का लाभ ले चुके हैं। जो करीब 12 लाख से अधिक रकम हजम कर चुके हैं। उनसे रिकवरी की तैयारी चल रही है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि सरकार ने पीएम किसान निधि की रकम वापस कराने के लिए हर जिले में एक खाता खोलने का निर्देश दिया है। खाता खोला जा चुका है। अब मृतकों और अपात्रों से मिली रकम उसी खाते में भेजी जाएगी।
क्या है किसान सम्मान निधि योजना
कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रावधान किया गया था। इसके तहत किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। दरअसल यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जानी है, जिसमें पहली किस्त दिसंबर 2018 से शुरू करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन फरवरी- मार्च 2019 से किसानों को किस्त जानी शुरू हुई। इसके साथ ही अब तक सात किस्तों में 14-14 हजार की धनराशि उनके खाते में पहुंच चुकी है।
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दरअसल जिले में दो लाख 11 हजार 499 किसान हैं। इनमें से दो लाख एक हजार 113 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। दिसंबर 2018 से शुरू योजना में करीब दो साल तक कोई जांच-पड़ताल नहीं की गई। वहीं अपात्रों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिलने की शिकायतें भारत सरकार तक पहुंची। ऐसे में सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लोगों की रैंडम सूची तैयार कर जिलेवार भेजी है। उसके बाद कृषि विभाग ने जांच कराई तो 415 ऐसे लाभार्थी किसानों के खाते में भी सम्मान निधि की रकम जा रही थी जो आठ से 10 माह पूर्व स्वर्ग सिधार चुके हैं। सत्यापन के बाद विभाग ऐसे किसानों के खाते से पैसा वापस कराने की मुहिम में जुट गया है। विभागीय सत्यापन में 418 अपात्र भी योजना का लाभ ले चुके हैं। जो करीब 12 लाख से अधिक रकम हजम कर चुके हैं। उनसे रिकवरी की तैयारी चल रही है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि सरकार ने पीएम किसान निधि की रकम वापस कराने के लिए हर जिले में एक खाता खोलने का निर्देश दिया है। खाता खोला जा चुका है। अब मृतकों और अपात्रों से मिली रकम उसी खाते में भेजी जाएगी।
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क्या है किसान सम्मान निधि योजना
कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रावधान किया गया था। इसके तहत किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक देने की व्यवस्था की गई है। दरअसल यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जानी है, जिसमें पहली किस्त दिसंबर 2018 से शुरू करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन फरवरी- मार्च 2019 से किसानों को किस्त जानी शुरू हुई। इसके साथ ही अब तक सात किस्तों में 14-14 हजार की धनराशि उनके खाते में पहुंच चुकी है।
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