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बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, कहा ‘जान है तो जहान है’
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जिला अस्पताल में बच्चे को वैक्सीन लगाती स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : BHADOHI
कोरोना वायरस ने जब हाहाकार मचाया तो न जाने कितनी माताओं की से उनका लाडला छिन गया। किसी ने भाई खोया तो किसी से बहन का प्यार टूट गया। हालांकि बाद में जब कोरोना से बचाव की वैक्सीन आई तो लोगों ने बड़े ही उत्साह के साथ लगवाना शुरू किया। पहले हेल्थ केयर वर्कर फिर फ्रंट लाइन वर्करों केे टीका लगाया गया। उसी क्रम में जब किशोरों और बच्चों को टीका लगाने की बारी आई तो उनमें उत्साह काफी ज्यादा दिखा। यहीं वजह है कि भदोही जिले में महज पांच दिन में एक हजार से ज्यादा बच्चों ने टीका लगवाकर अपने आप को सुरक्षित कर लिया। जो टीका लगवा चुके हैं वे उत्साहित हैं। कहते हैं कि जान है तो जहान है। अब कोविड नियमों का पालन करते हुए हम सुरक्षित हो गए हैं।
12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर एक सप्ताह पूरा होने वाला है। टीकाकरण केंद्रों पर अभिभावक और स्कूल प्रबंध की टीम के माध्यम से बच्चों का टीकाकरण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 66,853 बच्चों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। टीकाकरण की शुरुआत 16 मार्च से महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय में की गई। शुरू में टीका लगाने की प्रगति अच्छी रही, लेकिन जैसी ही परीक्षा शुरू हुई तो वैक्सीन का ग्राफ थोड़ा गिर गया है। परीक्षा से छूटने के बाद बच्चे पिता, भाई, दादा के साथ पहुंचकर टीका लगवा रहे हैं। ज्ञानपुर देहात कंपोजिट विद्यालय में साक्षी, गुड़िया, अभिषेक, अंश आदि ने टीका लगवा लिया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना की वैक्सीन कहां लगती है हमें मालूम है, लेकिन घर वाले अकेले जाने ही नहीं देते हैं। बच्चों का कहना है कि सभी को टीका लगवाना चाहिए। टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है।
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स्कूल प्रबंधन बच्चों को ले जाकर लगवाया टीका
ज्ञानपुर। टीकाकरण कराने में स्कूल प्रबंधन खुद आगे आ रहा है। ज्ञानपुर देहात विद्यालय की प्रधानाध्यापक अनीता मालवीय ने बताया कि कक्षा में ही बच्चों को कोविड से बचाव की जानकारी दी जाती है। बालिपुर निवासी अभिभावक अमृतलाल बताते हैं कि जिस तरह से स्कूल प्रशासन ने पहल किया, सभी बच्चों को लेजाकर टीका लगवाया वह अच्छा प्रयास है। शुक्रवार को कांवल निवासी रामचन्द्र मिश्र अपने पौत्र कृष्ण कुमार मिश्रा को टीका लगवाने पहुंचे थे। बताया कि बच्चे बहुत खुश हैं। प्रथम डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज का इंतजार कर रहे हैं। कंपोजिट विद्यालय पिपरीस में बच्चों ने कोविड वैक्सीनेशन लगवाने के बाद बहुत खुश दिखे।
दूसरे ही दिन 456 ने लगवाया था टीका
12 से 14 साल के बच्चों में टीका लगवाने को लेकर काफी उत्साह है। पहले दिन यानी 16 मार्च को जब टीका लगना शुरू हुआ तो उस दिन जिला अस्पताल वाले सेंटर पर 93 बच्चों ने टीका लगवाया। अगले ही दिन टीका लगवाने वालों की संख्या 456 हो गई। इस तरह से पांच दिन में ही एक हजार से ज्यादा बच्चों ने टीका लगवा लिया हे।
हमे वैक्सीनेशन से डर नहीं लगता है। स्कूल के की ओर से कहा गया कि टीका लगवाना है तो खुशी मिली। मैं टीका लगवाकर अपने आप को सुरक्षित कर लिया हूं। 28 दिन बाद दूसरा डोज लगना है।
-- रविशंकर,(13) कक्षा 8, बालीपुर देहात,
कुछ लोग टीके केे लेकर भ्रम फैला रहे थे, लेकिन टीका लगवाने के बाद लगा कि केवल अफवाह थी। टीका लगवाने से कोई दिक्कत नहीं। मैं पहला डोज लगवा लिया हूं। 28 दिन पूरा होते ही दूसरा डोज लगवाऊंगा।
-- आंचल कन्नौजिया (13) कक्षा 8, प्रयागपुर
कोरोना से बचाव के लिए कराए जा रहे टीकाकरण में बच्चे उत्साहित हैं। वैक्सीनेशन के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाई जा रही है। जो लोग वैक्सीन लेने से वंचित हैं वे टीका जरूर लगवा लें।
- अमित कुमार दूबे, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
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12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर एक सप्ताह पूरा होने वाला है। टीकाकरण केंद्रों पर अभिभावक और स्कूल प्रबंध की टीम के माध्यम से बच्चों का टीकाकरण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 66,853 बच्चों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। टीकाकरण की शुरुआत 16 मार्च से महाराजा चेतसिंह चिकित्सालय में की गई। शुरू में टीका लगाने की प्रगति अच्छी रही, लेकिन जैसी ही परीक्षा शुरू हुई तो वैक्सीन का ग्राफ थोड़ा गिर गया है। परीक्षा से छूटने के बाद बच्चे पिता, भाई, दादा के साथ पहुंचकर टीका लगवा रहे हैं। ज्ञानपुर देहात कंपोजिट विद्यालय में साक्षी, गुड़िया, अभिषेक, अंश आदि ने टीका लगवा लिया है।
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उन्होंने बताया कि कोरोना की वैक्सीन कहां लगती है हमें मालूम है, लेकिन घर वाले अकेले जाने ही नहीं देते हैं। बच्चों का कहना है कि सभी को टीका लगवाना चाहिए। टीका लगवाने में कोई नुकसान नहीं है।
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स्कूल प्रबंधन बच्चों को ले जाकर लगवाया टीका
ज्ञानपुर। टीकाकरण कराने में स्कूल प्रबंधन खुद आगे आ रहा है। ज्ञानपुर देहात विद्यालय की प्रधानाध्यापक अनीता मालवीय ने बताया कि कक्षा में ही बच्चों को कोविड से बचाव की जानकारी दी जाती है। बालिपुर निवासी अभिभावक अमृतलाल बताते हैं कि जिस तरह से स्कूल प्रशासन ने पहल किया, सभी बच्चों को लेजाकर टीका लगवाया वह अच्छा प्रयास है। शुक्रवार को कांवल निवासी रामचन्द्र मिश्र अपने पौत्र कृष्ण कुमार मिश्रा को टीका लगवाने पहुंचे थे। बताया कि बच्चे बहुत खुश हैं। प्रथम डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज का इंतजार कर रहे हैं। कंपोजिट विद्यालय पिपरीस में बच्चों ने कोविड वैक्सीनेशन लगवाने के बाद बहुत खुश दिखे।
दूसरे ही दिन 456 ने लगवाया था टीका
12 से 14 साल के बच्चों में टीका लगवाने को लेकर काफी उत्साह है। पहले दिन यानी 16 मार्च को जब टीका लगना शुरू हुआ तो उस दिन जिला अस्पताल वाले सेंटर पर 93 बच्चों ने टीका लगवाया। अगले ही दिन टीका लगवाने वालों की संख्या 456 हो गई। इस तरह से पांच दिन में ही एक हजार से ज्यादा बच्चों ने टीका लगवा लिया हे।
हमे वैक्सीनेशन से डर नहीं लगता है। स्कूल के की ओर से कहा गया कि टीका लगवाना है तो खुशी मिली। मैं टीका लगवाकर अपने आप को सुरक्षित कर लिया हूं। 28 दिन बाद दूसरा डोज लगना है।
-- रविशंकर,(13) कक्षा 8, बालीपुर देहात,
कुछ लोग टीके केे लेकर भ्रम फैला रहे थे, लेकिन टीका लगवाने के बाद लगा कि केवल अफवाह थी। टीका लगवाने से कोई दिक्कत नहीं। मैं पहला डोज लगवा लिया हूं। 28 दिन पूरा होते ही दूसरा डोज लगवाऊंगा।
-- आंचल कन्नौजिया (13) कक्षा 8, प्रयागपुर
कोरोना से बचाव के लिए कराए जा रहे टीकाकरण में बच्चे उत्साहित हैं। वैक्सीनेशन के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाई जा रही है। जो लोग वैक्सीन लेने से वंचित हैं वे टीका जरूर लगवा लें।
- अमित कुमार दूबे, उप मुख्य चिकित्साधिकारी