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Bhadohi News: इस साल 80.3 फीसदी बढ़ीं सड़क दुर्घटनाएं, बीते साल से 35 मौतें ज्यादा
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ज्ञानपुर। जिले में इस साल जनवरी से जून तक बीते साल की अपेक्षा 80.3 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं बढ़ीं हैं। महाकुंभ के दौरान हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। तेज रफ्तार ने मृतकों की संख्या में 70 फीसदी और घायलों की संख्या में 112.8 फीसदी तक इजाफा कर दिया। साल 2024 की अपेक्षा इस साल में अब तक जिले में 53 हादसे अधिक हुए हैं। वहीं, 35 अधिक मौतें और 44 लोग अधिक घायल हुए हैं।
यातायात और परिवहन विभाग की ओर से हादसों में कमी लाने के लिए हर साल बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाते हैं। जनजागरूकता के साथ-साथ सख्ती से यातायात नियमों का भी पालन कराया जाता है। तमाम कवायदों के बाद भी जिले में हादसों में कमी नहीं हो रही है। करीब 55 फीसदी हादसे वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर हुए हैं। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे सबसे व्यस्ततम हाईवे है। इस हाईवे पर प्रतिदिन 12 हजार गाड़ियां आती-जाती हैं।
इस साल जून महीने में घटी हादसों की संख्या
जून महीने में बीते साल की अपेक्षा इस साल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। बीते साल जून में 11 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इसमें 11 मौत और नौ लोग घायल हुए थे। वहीं, इस साल 10 सड़क दुर्घटनाओं में आठ मौत और तीन लोग घायल हुए हैं। इस तरह देखा जाए तो इस साल जून माह में 9.1 फीसदी, मौत में 27.3 फीसदी और घायल में 66.7 फीसदी की कमी देखी गई है।
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बीते दो सालों में दुर्घटनाओं की स्थिति
साल हादसों की संख्या मौत घायल
2024 66 50 83
2025 119 85 83
नोट : आंकड़ें जनवरी से जून तक के हैं।
महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में हाईवे पर हुए 23 हादसे
इस साल प्रयागराज संगम तट पर 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन हुआ था। 45 दिनों तक चले इस महाउत्सव में रिकॉर्ड लोगों ने स्नान किया। भदोही, प्रयागराज के सबसे निकटतम जिलों में है। महाकुंभ के दौरान वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर 7.41 लाख वाहन गुजरे थे। औसतन हर दिन 25 से 30 हजार वाहन प्रयागराज से आए और गए। केवल महाकुंभ के दौरान ही हाईवे पर 23 हादसे हुए। इसमें 12 लोगों की मौत हुई थी और 102 लोग घायल हुए थे।
हादसों के प्रमुख कारण
-ओवर स्पीडिंग
-रांग साइड ड्राइविंग
-गाड़ी चलाते समय नींद आना
-गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग
-सड़क की खराब स्थिति
महाकुंभ के दौरान हाईवे पर अधिक दबाव था। लंबी दूरी की ड्राइविंग के कारण कई घटनाएं नींद के कारण घटी थीं। महाकुंभ के दौरान ही हादसों में इजाफा हुआ था। हालांकि, जून में स्थिति सुधरी है। बीते साल की अपेक्षा कम सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। - राम सिंह, एआरटीओ, भदोही।
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यातायात और परिवहन विभाग की ओर से हादसों में कमी लाने के लिए हर साल बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाते हैं। जनजागरूकता के साथ-साथ सख्ती से यातायात नियमों का भी पालन कराया जाता है। तमाम कवायदों के बाद भी जिले में हादसों में कमी नहीं हो रही है। करीब 55 फीसदी हादसे वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर हुए हैं। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे सबसे व्यस्ततम हाईवे है। इस हाईवे पर प्रतिदिन 12 हजार गाड़ियां आती-जाती हैं।
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इस साल जून महीने में घटी हादसों की संख्या
जून महीने में बीते साल की अपेक्षा इस साल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। बीते साल जून में 11 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इसमें 11 मौत और नौ लोग घायल हुए थे। वहीं, इस साल 10 सड़क दुर्घटनाओं में आठ मौत और तीन लोग घायल हुए हैं। इस तरह देखा जाए तो इस साल जून माह में 9.1 फीसदी, मौत में 27.3 फीसदी और घायल में 66.7 फीसदी की कमी देखी गई है।
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बीते दो सालों में दुर्घटनाओं की स्थिति
साल हादसों की संख्या मौत घायल
2024 66 50 83
2025 119 85 83
नोट : आंकड़ें जनवरी से जून तक के हैं।
महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में हाईवे पर हुए 23 हादसे
इस साल प्रयागराज संगम तट पर 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन हुआ था। 45 दिनों तक चले इस महाउत्सव में रिकॉर्ड लोगों ने स्नान किया। भदोही, प्रयागराज के सबसे निकटतम जिलों में है। महाकुंभ के दौरान वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर 7.41 लाख वाहन गुजरे थे। औसतन हर दिन 25 से 30 हजार वाहन प्रयागराज से आए और गए। केवल महाकुंभ के दौरान ही हाईवे पर 23 हादसे हुए। इसमें 12 लोगों की मौत हुई थी और 102 लोग घायल हुए थे।
हादसों के प्रमुख कारण
-ओवर स्पीडिंग
-रांग साइड ड्राइविंग
-गाड़ी चलाते समय नींद आना
-गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग
-सड़क की खराब स्थिति
महाकुंभ के दौरान हाईवे पर अधिक दबाव था। लंबी दूरी की ड्राइविंग के कारण कई घटनाएं नींद के कारण घटी थीं। महाकुंभ के दौरान ही हादसों में इजाफा हुआ था। हालांकि, जून में स्थिति सुधरी है। बीते साल की अपेक्षा कम सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। - राम सिंह, एआरटीओ, भदोही।