भदोही हादसा: टोल टैक्स बचाने के चक्कर में ज्ञानपुर के रास्ते जाते हैं वाहन, लगी होती रोक तो शायद न जाती किसी की जान
ज्ञानपुर पुलिस लाइन के बाहर कुछ पुलिसकर्मी व अन्य लोग चाय-पान की दुकानों पर बैठे थे। इसी दौरान भदोही और देवनाथपुर में हादसे को अंजाम देकर भाग रहे बेकाबू ट्रक ने पांच लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
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यूपी के भदोही जिले में बीती रात हादसे के बाद भाग रहे ट्रक ने ज्ञानपुर पुलिस लाइन के बाहर पांच लोगों को रौंद दिया। हादसे में हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत हो गई। वाराणसी-प्रयागराज हाइवे पर लालानगर में टोल प्लाजा है। वहां से गुजरने वाले वाहनों को टोल टैक्स देना पड़ता है। एक बार आना और जाना दोनों मिलाकर करीब छह सौ रुपये ट्रक का टोल टैक्स हो जाता है।
उसी से बचने के लिए ट्रक चालक और अन्य वाहन चालक ज्ञानपुर का रास्ता चुनते हैं। उसी टोल टैक्स को बचाने के चक्कर में मंगलवार की रात एक ट्रक चालक ने बड़ी घटना कर दी। यदि ज्ञानपुर से होकर गुजरने वाले ट्रकों पर पहले ही रोक लगी होती तो शायद इस तरह की घटना न हुई होती।
ज्ञानपुर में पुलिस लाइन के ठीक सामने विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज का खेल मैदान है। उसी मैदान की दीवार से सटाकर कुछ चाय-पान की दुकानें लगी हैं। पुलिस कर्मी जब भी खाली होते हैं तो उन्हीं दुकानों पर पहुंचते हैं। रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ पुलिस कर्मी व अन्य लोग दुकान के सामने बैठे थे। इसी दौरान भदोही की ओर से तेज रफ्तार एक ट्रक आया।
दो दुकानों के बीच लोगों को रौंदते हुए दीवार से टकराया ट्रक
अचानक ट्रक दाहिने तरफ घुमा और दो दुकानों के बीच लोगों को रौंदते हुए दीवार तोड़ दिया। घटना के बाद मौके अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन 30 से चालीस ट्रक गुजरते हैं। बीते कुछ दिनों से इनकी संख्या बढ़ गई है। जब प्रयागराज से वाराणसी जाना होता है और वाराणसी से प्रयागराज जाना होता है तो ट्रक चालक इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इससे करीब पांच किमी दूरी भले ज्यादा पड़ती है, लेकिन टोल टैक्स बच जाता है।
ऐसा लगा जैसे आंधी आ गई, मच गई भगदड़
पुलिस लाइन के बाहर ही एक दुकान पर झटना के समय बैठे मनोज चौरसिया ने बताया कि ट्रक की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि लगा जैसे आंधी आ गई। पलक झपकते ही घटना हो गई। अपने हाथ में लगे चोट को भीड़ के बीच लोगों को दिखाते हुए बताया कि देखने से लगा कि ट्रक चालक नशे में था। क्योंकि करीब 20 फीट चौड़ी सड़क को छोड़कर करीब 20 फीट आगे ट्रक का जाना और दीवार से टकराना बड़ी बात थी। यदि दिन का समय रहता तो घटना और बड़ी हो सकती थी।
जरूरी काम से मिलने के लिए बुलाए गए थे अशोक
इस घटना में जिन दो लोगों की मौत हुई उनमें एक छतमी गांव निवासी अशोक पांडेय भी हैं। उनके परिवार वालों ने बताया कि शाम के समय घर पर ही थे। ढाबा संचालक अशोक को सीओ ज्ञानपुर के कार्यालय से फोन किया गया था कि कुछ जरूरी काम है आकर साहब से मिल लीजिए। किसलिए बुलाया गया था यह नहीं मालूम चला। सीओ ने परिवार के लोगों ने भी पूरी जानकारी ली।
विधायक और डीआईजी भी मौके पर पहुंचे