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बंगाल सरकार के खिलाफ विहिप ने किया प्रदर्शन
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ज्ञानपुर। पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपकर हिंदू परिवारों की सुरक्षा की मांग की गई।
15 से 19 अक्तूबर तक बंगाल सरकार को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए उठाए गए कदम के पहले दिन मुख्यालय पर एकजुटता दिखाते हुए विहिप के युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि बंगाल सरकार की कानून व्यवस्था लचर हो चुकी है। उसी का परिणाम रहा कि मुर्शीदाबाद में 10 अक्तूबर को प्रकाश पाल, पत्नी और आठ साल की अबोध पुत्री की जघन्य हत्या कर दी गई। इससे न केवल हिंदू समाज आहत है, बल्कि पूरा राष्ट्र स्तब्ध है। ममता सरकार घुसपैठियों पर कड़ाई इसलिए नहीं बरत रही है कि अवैध ढंग से संचालित नौकाओं से सरकार को अच्छा-खासा कमीशन मिल रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि ममता सरकार ने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर प्रतिबंध न लगा सकी तो सड़क से सदन लड़ाई लड़ी जाएगी। पांच सूत्री मांगपत्र में पश्चिम बंगाल में ममता सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने, हत्याकांड की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को मृत्यु दंड देने, एनआरसी लागू कर घुसपैठियों को वापस भेजने, प्रताड़ित हिंदुओं को देश की नागरिकता देने और राष्ट्र विरोधी ताकतों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई में लाने की मांगें शामिल रहीं। इस मौके पर रामचंद्र पांडेय, रामआसरे, मुकेश कुमार, महेश प्रताप, कपूरचंद, संदीप कुमार, दीपेंद्र नारायण, कैलाशनाथ दुबे, आकाश त्रिपाठी, आदर्श पांडेय, इंद्रजीत, शुभम, अनिल तिवारी, कन्हैया मोदनवाल आदि उपस्थित रहे।
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15 से 19 अक्तूबर तक बंगाल सरकार को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए उठाए गए कदम के पहले दिन मुख्यालय पर एकजुटता दिखाते हुए विहिप के युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि बंगाल सरकार की कानून व्यवस्था लचर हो चुकी है। उसी का परिणाम रहा कि मुर्शीदाबाद में 10 अक्तूबर को प्रकाश पाल, पत्नी और आठ साल की अबोध पुत्री की जघन्य हत्या कर दी गई। इससे न केवल हिंदू समाज आहत है, बल्कि पूरा राष्ट्र स्तब्ध है। ममता सरकार घुसपैठियों पर कड़ाई इसलिए नहीं बरत रही है कि अवैध ढंग से संचालित नौकाओं से सरकार को अच्छा-खासा कमीशन मिल रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि ममता सरकार ने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर प्रतिबंध न लगा सकी तो सड़क से सदन लड़ाई लड़ी जाएगी। पांच सूत्री मांगपत्र में पश्चिम बंगाल में ममता सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने, हत्याकांड की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को मृत्यु दंड देने, एनआरसी लागू कर घुसपैठियों को वापस भेजने, प्रताड़ित हिंदुओं को देश की नागरिकता देने और राष्ट्र विरोधी ताकतों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई में लाने की मांगें शामिल रहीं। इस मौके पर रामचंद्र पांडेय, रामआसरे, मुकेश कुमार, महेश प्रताप, कपूरचंद, संदीप कुमार, दीपेंद्र नारायण, कैलाशनाथ दुबे, आकाश त्रिपाठी, आदर्श पांडेय, इंद्रजीत, शुभम, अनिल तिवारी, कन्हैया मोदनवाल आदि उपस्थित रहे।
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