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सरकारी चिकित्सक का निजी अस्पताल सील
bhadohi news
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:05 AM IST
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गोपीगंज के जीवनदान अस्पताल को सील करने पहुंची टीम।
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सरकारी चिकित्सक होने के बाद भी निजी प्रैक्टिस कर रहे जीवनदान अस्पताल के संचालक डॉ. डीडी गुप्ता पर प्रशासनिक शिकंजा कसता जा रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इससे अन्य चिकित्सकों में खलबली मची रही। तीन दिन पूर्व चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
इलाहाबाद के हंडिया सीएचसी में तैनात डॉ. डीडी गुप्ता पर आरोप था कि वह सरकारी ड्यूटी करने के बजाए गोपीगंज में निजी प्रैक्टिस करते हैं। गोपीगंज नगर के मिर्जापुर तिराहे के पास जीवनदान अस्पताल के नाम से उनका निजी अस्पताल चलता है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम विशाख जी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
सीएमओ के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई तो मामला सही मिला। तीन दिन पूर्व गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने निर्देशित किया था कि डॉ. डीडी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। अधीक्षक के प्रार्थना पत्र पर शनिवार की देर रात गोपीगंज थानाध्यक्ष ने इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत चिकित्सक के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया।
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मंगलवार को एडिशनल सीएमओ संजय मोहन सहाय, डॉ. जेपी सिंह, अधीक्षक डॉ. आशुतोष ओझा, चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने सरकारी चिकित्सक के निजी अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से आसपास खलबली मची रही। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में निजी प्रैक्टिस करने वाले अन्य सरकारी चिकित्सकों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। सीमएओ डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है। नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
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इलाहाबाद के हंडिया सीएचसी में तैनात डॉ. डीडी गुप्ता पर आरोप था कि वह सरकारी ड्यूटी करने के बजाए गोपीगंज में निजी प्रैक्टिस करते हैं। गोपीगंज नगर के मिर्जापुर तिराहे के पास जीवनदान अस्पताल के नाम से उनका निजी अस्पताल चलता है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम विशाख जी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
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सीएमओ के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई तो मामला सही मिला। तीन दिन पूर्व गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने निर्देशित किया था कि डॉ. डीडी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। अधीक्षक के प्रार्थना पत्र पर शनिवार की देर रात गोपीगंज थानाध्यक्ष ने इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत चिकित्सक के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया।
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मंगलवार को एडिशनल सीएमओ संजय मोहन सहाय, डॉ. जेपी सिंह, अधीक्षक डॉ. आशुतोष ओझा, चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने सरकारी चिकित्सक के निजी अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से आसपास खलबली मची रही। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में निजी प्रैक्टिस करने वाले अन्य सरकारी चिकित्सकों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। सीमएओ डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है। नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।