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बड़ी कार्रवाई: 45 लाख के घोटाले में 36 पूर्व प्रधानों और 21 सचिवों को नोटिस, धांधली की रकम जमा करने के निर्देश
Tue, 10 Jun 2025 12:11 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:11 PM IST
सार
Bhadohi News: 45 लाख के घोटाले में 36 पूर्व प्रधानों और 21 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। मामले में वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समिति पंचायत की ओर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों की ऑडिट कराई गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : stock.adobe
विस्तार
साल 2017-18 में 45 लाख के घोटाले में 36 पूर्व प्रधान और 21 सचिव को नोटिस जारी किया गया है। पूर्व प्रधानों को डीएम शैलेश कुमार और सचिवों को डीपीआरओ संजय मिश्रा ने नोटिस भेजा है। सभी को 15 दिनों का समय जवाब देने के लिए दिया गया है। जवाब न देने पर सभी के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी होगी।
ये है पूरा मामला
जिले में 546 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए केंद्र और राज्य से सीधे बजट मिलता है। बजट खर्च करने का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के मद में मिले बजट में ग्राम प्रधान और सचिवों की मिलीभगत से घपले के कई मामले सामने आए हैं।
पंचायतों की ओर से खर्च किए गए बजट की समय-समय पर ऑडिट होती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समिति पंचायत की ओर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों की ऑडिट कराई गई थी।
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ऑडिट रिपोर्ट में मनरेगा, राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट में जिले की 36 ग्राम पंचायतों में करीब 45 लाख की धांधली पकड़ी गई थी। ऑडिट टीम ने जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपा था। इस दौरान पंचायत राज विभाग ने कई बार पत्र जारी कर संबंधित ग्राम पंचातयों को पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे।
अब डीएम शैलेश कुमार ने प्रकरण में सख्ती शुरू कर दी है। 36 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी कर धांधली की रकम जमा करने के निर्देश दिए हैं।
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ये है पूरा मामला
जिले में 546 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए केंद्र और राज्य से सीधे बजट मिलता है। बजट खर्च करने का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के मद में मिले बजट में ग्राम प्रधान और सचिवों की मिलीभगत से घपले के कई मामले सामने आए हैं।
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पंचायतों की ओर से खर्च किए गए बजट की समय-समय पर ऑडिट होती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समिति पंचायत की ओर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों की ऑडिट कराई गई थी।
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ऑडिट रिपोर्ट में मनरेगा, राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट में जिले की 36 ग्राम पंचायतों में करीब 45 लाख की धांधली पकड़ी गई थी। ऑडिट टीम ने जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपा था। इस दौरान पंचायत राज विभाग ने कई बार पत्र जारी कर संबंधित ग्राम पंचातयों को पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे।
अब डीएम शैलेश कुमार ने प्रकरण में सख्ती शुरू कर दी है। 36 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी कर धांधली की रकम जमा करने के निर्देश दिए हैं।