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Bhadohi News: दहशत में गुजरी रात, 24 घंटे के बाद वन विभाग के हाथ खाली
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कोइरौना थानाक्षेत्र के बनकट गांव में जंगली जानवर के हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। 24 घंटे बाद भी वन विभाग की लगी टीमों के हाथ खाली हैं। अभी तक न जानवर पकड़ा गया और न ही उसकी पहचान हो सकी है। बुधवार की रात ग्रामीणों ने दशहत में गुजारी। अंधेरा होने के बाद लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। जिसे पकड़ने और पहचान करने के लिए डीएफओ नीरज आर्य ने चार सदस्यीय टीम गठित की है।
बनकट गांव में मंगलवार की रात जंगली जानवर के हमले से सात लोग जख्मी हो गए थे। अचानक हुए हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। प्रशासन से लेकर वन विभाग की टीम बुधवार और बृहस्पतिवार को क्षेत्र में खाक छानती रह गई। जंगली जानवर का डर दूसरे गांव में भी है। अंधेरा होने के बाद लोग घर से बाहर कदम रखने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर हैं। अभी तक जानवर की पहचान नहीं हो सकी है।
दो दिन से गांव में पहुंच कर वन विभाग की टीम गश्त करती रही, लेकिन जानवर के पंजे का निशान नहीं मिला। पंजे के निशान से ही उसकी पहचान हो सकेगी। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें वन दरोगा प्रभात कुमार सिंह, वन रक्षक अनुज प्रताप सिंह, बृजेश माली और रामेश्वरनाथ शुक्ला शामिल हैं। जानवार के पंजे से पहचान की जाएगी कि कौन से जानवर हैं। लोग घबराएं न, देखते ही जानवार पकड़ा जाएगा।
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बनकट गांव में मंगलवार की रात जंगली जानवर के हमले से सात लोग जख्मी हो गए थे। अचानक हुए हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। प्रशासन से लेकर वन विभाग की टीम बुधवार और बृहस्पतिवार को क्षेत्र में खाक छानती रह गई। जंगली जानवर का डर दूसरे गांव में भी है। अंधेरा होने के बाद लोग घर से बाहर कदम रखने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर हैं। अभी तक जानवर की पहचान नहीं हो सकी है।
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दो दिन से गांव में पहुंच कर वन विभाग की टीम गश्त करती रही, लेकिन जानवर के पंजे का निशान नहीं मिला। पंजे के निशान से ही उसकी पहचान हो सकेगी। डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें वन दरोगा प्रभात कुमार सिंह, वन रक्षक अनुज प्रताप सिंह, बृजेश माली और रामेश्वरनाथ शुक्ला शामिल हैं। जानवार के पंजे से पहचान की जाएगी कि कौन से जानवर हैं। लोग घबराएं न, देखते ही जानवार पकड़ा जाएगा।
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