डीघ ब्लाॅक के निबिहा-मझगवां गांव में लगभग 10 वर्ष बाद भी एक कक्षीय आंगनबाड़ी का कार्य पूरा नहीं हो सका है। कर्मचारी किराये का मकान लेकर विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराकर अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र का कार्य पूरा कराते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्रामीण कमलेश यादव, सर्वेश यादव, मोहन यादव, सुनील कुमार ने बताया कि बीते दो पंच वर्षीय योजना में उक्त आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण स्वीकृत धनराशि से शुरू कराया गया था, लेकिन अभी तक न कार्य पूरा हो सका है न केंद्र का लाभ बच्चों, धात्री महिलाओं, किशोरियों को मिल रहा है। केंद्र में तैनात कर्मचारी तब से अब तक किराए के मकान में मात्र औपचारिकता तक सीमित हैं। स्थायी केंद्र के अभाव में विभाग से प्राप्त हो रहे पुष्टाहार, खाद्य सामान कहां जा रहे हैं कोई पता नहीं। ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि बीते दो पंच वर्षीय कार्यकाल का मामला है। फिर भी वह विकास भवन, डीघ ब्लॉक कार्यालय तक चक्कर लगाकर अधूरे केंद्र को पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। बीडीओ डीघ धनराज कोटार्य ने कहा कि मामला संज्ञान में आने पर जांच की गई। जांच में कार्यदायी संस्था आरईएस के सामने आने पर रिमाइंडर भी दिया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। अब मनरेगा के तहत अधूरा आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूरा कराया जाएगा।