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ये तो गजब हो गया: जिसकी हत्या में गए जेल, दस महीने बाद वह नोएडा में मिली जिंदा, तो कुएं से मिली मृतका कौन ?

Sat, 25 Mar 2023 12:12 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 25 Mar 2023 12:12 PM IST
सार

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 16 मई 2022 को गोपीगंज के सीखापुर निवासी श्याम किशोर पांडेय ने तहरीर देकर आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी शौच के लिए निकली और नहीं लौटी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।

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Mau crime news the person who went to jail for murder, was found alive in Noida after ten months
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

यूपी के भदोही से एक अजब-गजब मामला सामने आया है। करीब 10 महीने 10 दिन पूर्व गोपीगंज के सीखापुर में जिस किशोरी को मृत दिखाया गया। वह नोएडा में प्रेमी संग मिली। पुलिस ने हत्या और अपहरण की झूठी साजिश का शनिवार को पर्दाफाश किया। घटना में साक्ष्य छिपाने में किशोरी के माता-पिता को गिरफ्तार किया। नामजद निर्दोष को राहत देने में पुलिस जुट गई है।

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पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने शनिवार को पुलिस कार्यालय सरपतहां में पत्रकारों से रूबरू होकर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 16 मई 2022 को गोपीगंज के सीखापुर निवासी श्याम किशोर पांडेय ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी शौच के लिए निकली और नहीं लौटी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। 27 मई 2022 को ऊंज के मोहनपुर सिवान में एक कुएं में अज्ञात लड़की का शव मिला। जिसकी किशोरी के माता-पिता ने अपनी बेटी होने की शिनाख्त की।

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मृत्यु - फोटो : istock
जिसमें पुरानी रंजिश में विष्णु कहार निवासी कस्तूरीपुर और प्रदीप कुमार निवासी चकमानधाता गोपीगंज के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। कुएं में मिले शव के पहचान में संदेह होने पर डीएनए परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर भेजा गया। संदेह के आधार पर पुलिस को गहनता से जांच के लिए निर्देश दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने तथाकथित मृतका को नोएडा से जीवित बरामद किया। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह काफी दिनों से अपने मां-बाप के संपर्क में थी।
मां-बाप ने बताया  कि किसी भी समय पुलिस को जानकारी होगी तो पुलिस को बताना कि आशीष पांडेय, ललित पांडेय, प्रदीप सेठ, डान मालिया, विष्णु कहार, बाबा मिश्रा पर आरोप लगा देना। एसपी ने बताया कि किशोरी के माता-पिता ने साक्ष्य को छिपाते हुए झूठी सूचना लिखाकर नामजद आरोपीगण के खिलाफ मिथ्या आरोप लगाकर मिथ्या साक्ष्य दिया। जिसमें आजीवन कारावास जैसी सजा हो सकती है। जिस कारण आरोपीगण विष्णु कहार और प्रदीप कुमार को जिला कारागार में जाना पड़ा।
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