श्रम सुधार बिल: विरोध में ट्रेड यूनियनों ने की नारेबाजी, बैंकों में कामकाज पर पड़ा आंशिक असर; जताई नाराजगी
Azamgarh News: आजमगढ़ में विभिन्न किसान, मजदूर संगठनों समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से बृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला जुला असर देखने को मिला।
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UP News: जिले में मजदूर संगठनों ने सामूहिक रूप से जुलूस निकाला। तहसील गए और वहां धरना देकर प्रदर्शन किया। बैंकों में हड़ताल का आंशिक असर रहा। निजी बैंकों में जहां पूरा कामकाज हुआ। वहीं, राष्ट्रीयकृत बैंकों में आंशिक असर देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा समेत अन्य 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों और सरकार की कुछ नीतियों के विरोध में हड़ताल का एलान किया था। इसमें मुख्य बात भारत-अमेरिका के समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों तथा नए श्रम कानूनों के विरोध को लेकर था।
भदोही में आंदोलन के अंगुवा रहे हिंद मजदूर किसान पंचायत, उप्र किसान सभा, अग्रगामी किसान सभा, खेत मजदूर सभा, किसान महासभा, उप्र उत्तराखंड मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन के सैकड़ों मजदूरों ने जुलूस निकाल कर बैंकों को बंद कराया। जुलूस के दौरान कई बैंकों ने अपने शटर गिरा दिए। हालांकि, कुछ ही देर बाद शटर खुल गए।
मजदूरों ने बैंकों, जीवन बीमा निगम में कामकाज प्रभावित होने का दावा किया है। हालांकि, कुछ बैंकों ने यह भी कहा कि आफिसर्स की हड़ताल नहीं होने से लेन-देन पर खास फर्क नहीं पडा। हड़ताल के कारण भदोही नगर के स्टेशन रोड पर खासी चहल पहल रही। ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों के चलते कर्मचारी कई राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी, एलआईसी कार्यालय के बाहर जुटे कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
तहसील में हजारों किसान, मजदूरों ने धरना देकर किया प्रदर्शन
भदोही तहसील में मजदूरों, किसानों ने जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। जिसमे भारी संख्या में महिला बुनकर, किसान, कारीगर, मजदूर शामिल रहे। हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हसनैन अंसारी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि चार श्रम कानून मजदूर विरोधी हैं। केंद्र सरकार श्रमिकों के खिलाफ नियम कानून बनाकर कारपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है। अमरीकी के आगे भारत सरकार ने घुटने टेक दिए हैं।
कहा कि बड़ी मात्रा में श्रम कानूनों के उल्लंघन को नजरअंदाज कर रही है। ट्रेड यूनियनों और श्रमिकों के कानूनी और संवैधानिक अधिकारों पर होने वाले हमले बंद करने की बात कही। उधर किसान नेता इंद्रदेव पाल ने कहा कि ट्रेड यूनियनों ने मिल कर 20 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया जिसे सभा के माध्यम से उपजिलाधिकारी को देकर धरना समाप्त किया गया।
मजदूर नेताओं ने दावा किया कि उनके प्रदर्शन में किसान, मजदूर, कर्मचारी, खेत मजदूर, महिला, रसोइयां, आँगनवाड़ी, आशा, सफाईकर्मी आदि शामिल रहे। प्रदर्शन में बनारसी सोनकर, घनश्याम गौड़, रेहान नवाज, राजेंद्र प्रसाद, ज्वाला प्रसाद, ज्ञानप्रकाश, भुल्लन पाल, हृदय लाल यादव, लाल मौर्य, महाजन प्रसाद, पारस नाथ बिंद, शांति देवी पटेल, प्रिंस अंसारी, आजम, इमरान, अतहर, अजहर, सरफराज, महबूब, जाफ़र, राजू, मंगरू, इस्माइल आदि रहे।