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Bhadohi News: 3.50 करोड़ से लगा फायर हाइड्रेंट सिस्टम, कर्मचारियों को नहीं मिला प्रशिक्षण
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ज्ञानपुर। जिले के दो बड़े सरकारी अस्पतालों में अगर आग लगी तो बुझाना मुश्किल होगा। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल और भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में साढ़े तीन करोड़ रुपये से फायर हाइड्रेंट सिस्टम तो लगा दिया गया है, लेकिन इसे कैसे चलाना है, इसके लिए कर्मचारियों को अभी तक प्रशिक्षण नहीं मिला है। जिले में दो बड़े अस्पताल हैं। इनमें महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय शामिल हैं। दोनों अस्पतालों में हर दिन 1700 से 1800 की ओपीडी होती है। इसके अलावा 100 से अधिक की इमरजेंसी होती है। मरीजों की सुरक्षा के लिए शासन ने मुख्य अस्पतालों में फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाने की मंजूरी दी। करीब चार महीने पहले दोनों अस्पतालों में तीन करोड़ 50 लाख रुपये से लगाया गया। इमरजेंसी से लेकर सभी भवनों में पाइपलाइन के माध्यम से आग बुझाने की सुविधा है, लेकिन सिस्टम कैसे चलेगा, इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं मिला है।
भदोही एमबीएस में 1.40 करोड़ रुपये से फायर सिस्टम का सेटअप लगाया गया है। कभी-कभार अग्निशमन विभाग की टीम मॉक ड्रिल करती है। वह भी साल में एक या दो बार ही। बड़ी आग लगी तो बुझाना एक चुनौती होगा।
दोनों अस्पतालों में हर रोज चार हजार की भीड़
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में रोजाना करीब 3500 की भीड़ होती है। अस्पताल में इमरजेंसी, ओपीडी भवन, लैब, एक्सरे कक्ष, दफ्तर, महिला वार्ड और ऑपरेशन कक्ष में फायर सिस्टम की पाइप लगाई गई है। परिसर में एक लाख लीटर पानी की क्षमता की टंकी भी बनाई गई है। जैसे ही अस्पताल में धुआं उठेगा, अलार्म बजने लगेगा, जिससे समय से आग बुझाई जा सकती है।
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मॉक ड्रिल करके कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है, लेकिन फायर सिस्टम के लिए कर्मचारियों को कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला है। - डॉ. आरआर मौर्य, सीएमएस, भदोही एमबीएस।
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भदोही एमबीएस में 1.40 करोड़ रुपये से फायर सिस्टम का सेटअप लगाया गया है। कभी-कभार अग्निशमन विभाग की टीम मॉक ड्रिल करती है। वह भी साल में एक या दो बार ही। बड़ी आग लगी तो बुझाना एक चुनौती होगा।
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दोनों अस्पतालों में हर रोज चार हजार की भीड़
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में रोजाना करीब 3500 की भीड़ होती है। अस्पताल में इमरजेंसी, ओपीडी भवन, लैब, एक्सरे कक्ष, दफ्तर, महिला वार्ड और ऑपरेशन कक्ष में फायर सिस्टम की पाइप लगाई गई है। परिसर में एक लाख लीटर पानी की क्षमता की टंकी भी बनाई गई है। जैसे ही अस्पताल में धुआं उठेगा, अलार्म बजने लगेगा, जिससे समय से आग बुझाई जा सकती है।
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मॉक ड्रिल करके कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता है, लेकिन फायर सिस्टम के लिए कर्मचारियों को कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला है। - डॉ. आरआर मौर्य, सीएमएस, भदोही एमबीएस।