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Bhadohi News: डेंगू-मलेरिया के आंकड़े छुपाए तो लैब संचालकों पर होगी कार्रवाई
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ज्ञानपुर। जिले में बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। निजी पैथोलॉजी संचालकों को सीएमओ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि डेंगू और मलेरिया की रिपोर्ट की जानकारी तत्काल दी जाए। इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 47 पैथोलॉली संचालित होते हैं। बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अमूमन देखा जाता है कि डेंगू, मलेरिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर निजी लैब संचालक इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं देते। रिपोर्ट के बाद स्थानीय नीम हकीम ही मरीज की जांच और इलाज शुरू कर देते हैं और उनसे मनमाना पैसा वसूलते हैं। इससे जहां मरीज मिलते हैं। वहां स्वास्थ्य विभाग जरूरी एहतियात नहीं बरत पाता और आगे इसका नुकसान होता है। यदि संचालक समय पर स्वास्थ्य विभाग को डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट की जानकारी दें तो मरीज को बेहतर उपचार मिल सकता है।
डेंगू मरीजों की पुष्टि एलाइजा टेस्ट से होती है। दो साल पहले जिले में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था नहीं थी। इससे मरीजों का सैंपल बीएचयू भेजा जाता है। हालांकि बीते साल से भदोही सीएचसी पर एलाइजा टेस्ट की शुरुआत कर दी गई है। इससे अब डेंगू मरीजों की पुष्टि तत्काल हो जाती है।
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जिले में 47 पैथोलॉली संचालित होते हैं। बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अमूमन देखा जाता है कि डेंगू, मलेरिया की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर निजी लैब संचालक इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं देते। रिपोर्ट के बाद स्थानीय नीम हकीम ही मरीज की जांच और इलाज शुरू कर देते हैं और उनसे मनमाना पैसा वसूलते हैं। इससे जहां मरीज मिलते हैं। वहां स्वास्थ्य विभाग जरूरी एहतियात नहीं बरत पाता और आगे इसका नुकसान होता है। यदि संचालक समय पर स्वास्थ्य विभाग को डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट की जानकारी दें तो मरीज को बेहतर उपचार मिल सकता है।
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डेंगू मरीजों की पुष्टि एलाइजा टेस्ट से होती है। दो साल पहले जिले में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था नहीं थी। इससे मरीजों का सैंपल बीएचयू भेजा जाता है। हालांकि बीते साल से भदोही सीएचसी पर एलाइजा टेस्ट की शुरुआत कर दी गई है। इससे अब डेंगू मरीजों की पुष्टि तत्काल हो जाती है।
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