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Bhadohi News: आधी आबादी के हाथ होगी गांवों में स्वच्छता की कमान
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ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों को साफ-सुथरा बनाने में आधी आबादी यानी महिलाएं अहम भूमिका निभाएंगी।
एकल और सामुदायिक शौचालयों के बाद अब रिसोर्स रिकवरी सेंटर को भी उनके हाथों में सौंपा जा रहा है।
अपने घर-आंगन को स्वच्छ रखने वाली नारी अब अपने गांव को भी स्वच्छ बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगी।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में दो लाख 81 हजार एकल शौचालय बनाए गए हैं, जबकि सभी गांव में करोड़ों की लागत से सामुदायिक शौचालय बनाए गए। ओडीएफ फेज-2 में एकल शौचालय से वंचित परिवारों को भी संतृप्त किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024 में 15,142 शौचालयों में से 10,840 को महिलाओं को दिया गया। यहीं नहीं सामुदायिक शौचालय के संचालन से लेकर निगरानी की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को दी गई है।
इसके लिए उनको हर महीने छह हजार मानदेय दिया जा रहा है। मॉडल गांव के रूप में विकसित होने वाले गांव में सफाई से लेकर कूड़ा प्रबंधन तक की जिम्मेदारी भी महिलाओं को सौंपी जा रही है।
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अब तक 250 गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनाए गए हैं। पंचायत राज विभाग की तरफ से इसके संचालन की जिम्मेदारी भी महिलाओं को दी जाएगी।
जिन-जिन गांवों में यह पूर्ण होंगे, वहां महिला समूहों को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। गांव को महिला हितैषी बनाया जा रहा है।
एकल और सामुदायिक शौचालयों के बाद अब रिसोर्स रिकवरी सेंटर को भी उनके हाथों में सौंपा जा रहा है।
अपने घर-आंगन को स्वच्छ रखने वाली नारी अब अपने गांव को भी स्वच्छ बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगी।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में दो लाख 81 हजार एकल शौचालय बनाए गए हैं, जबकि सभी गांव में करोड़ों की लागत से सामुदायिक शौचालय बनाए गए। ओडीएफ फेज-2 में एकल शौचालय से वंचित परिवारों को भी संतृप्त किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2024 में 15,142 शौचालयों में से 10,840 को महिलाओं को दिया गया। यहीं नहीं सामुदायिक शौचालय के संचालन से लेकर निगरानी की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को दी गई है।
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इसके लिए उनको हर महीने छह हजार मानदेय दिया जा रहा है। मॉडल गांव के रूप में विकसित होने वाले गांव में सफाई से लेकर कूड़ा प्रबंधन तक की जिम्मेदारी भी महिलाओं को सौंपी जा रही है।
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अब तक 250 गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनाए गए हैं। पंचायत राज विभाग की तरफ से इसके संचालन की जिम्मेदारी भी महिलाओं को दी जाएगी।
जिन-जिन गांवों में यह पूर्ण होंगे, वहां महिला समूहों को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। गांव को महिला हितैषी बनाया जा रहा है।