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Bhadohi News: चार बंदियों को बरी कराया, 66 को दिलाई जमानत

Thu, 05 Sep 2024 01:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 01:35 AM IST
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Four prisoners were acquitted and 66 were granted bail
ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम जिला कारागार के लाचार और गरीब बंदियों की मुकदमों की निशुल्क पैरवी कर रही हैं। एलएडीसीएस ने 2023 से अब तक 100 बंदियों के मुकदमे की पैरवी कर रही है। जिसमें चार बंदियों को दोषमुक्त और 66 की जमानत करा चुकी है। बंदियों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा और मानवीय पहलुओं को देखने के बाद एलएडीसीएस कैदियों के मुकदमे की पैरवी करती है।
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जिला कारागार में कई ऐसे बंदी होते हैं जो आर्थिक और सामाजिक विवशता के कारण अपने मुकदमे की पैरवी नहीं कर पाते। जिससे सालों साल वह कारागार में समय काटने को बाध्य होते हैं। कई बार कुछ बंदी ऐसे भी होते हैं, जो धोखे से किसी केस में फंस जाते हैं और उनके परिजनों को कुछ पता नहीं चल पाता। जिससे उन्हें कोई जमानतदार नहीं मिल पाता और उनका जीवन जेल में ही कटने लगता है।
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इस तरह के असहाय और गरीबी से जूझ रहे कैदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) विधिक सहायता पहुंचाती है। जिला कारागार में बंदी शिकायत समाधान दिवस में आने वाली समस्याओं को सुनने के बाद एलएडीसीएस का पैनल इस पर सोच विचार कर उसके पैरवी का फैसला करता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर गरीब अभियुक्तों को निशुल्क कानूनी सहायता देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था 2023 में शुरू की गई।
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साढ़े तीन साल बाद परिजनों को हुई जानकारी तो मिली जमानत
हरियाणा के एक वाहन चालक को पुलिस ने वाराणसी-प्रयागराज के रास्ते जाते समय अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार कर लिया। वाहन मालिक द्वारा धोखे से वाहन में रखे गांजे के कारण गिरफ्तार युवक साढ़े तीन साल तक जिला कारागार में रहा, लेकिन उसके परिजनों को कोई जानकारी नहीं थी। इस बीच उसे जेल में ही ब्रेन हैमरेज भी हो गया। एलएडीसीएस को जब जानकारी हुई तो काफी मेहनत के बाद उसकी एक बहन का पता लगा। एक-एक लाख के चार जमानतदार देने थे, लेकिन आर्थिक मजबूरी के कारण उसकी बहन ने असमर्थता जतायी। जिसके बाद केवल एक लाख में साढ़े तीन साल बाद उस व्यक्ति की जमानत हो सकी।

एक बार गिरफ्तार किया और लाद दिए 18 मुकदमे
कोईरौना थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक को पुलिस ने मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के पुलिस ने उसपर 18 मुकदमे दर्ज किए। आर्थिक विवशता के कारण वह अपने मुकदमों की पैरवी नहीं कर पा रहा था। जिसके बाद एलएडीसीएस ने निशुल्क उसके मुकदमे की पैरवी की और अब तक 13 मुकदमों में उसे जमानत दिला चुकी है। जल्द ही उसे सभी मामलों में जमानत मिल जाएगी।

आर्थिक रूप से अक्षम और दूरस्थ के मामलों को संज्ञान में आने के बाद एलएडीसीएस मुकदमे का अध्ययन करती है। इसके बार मानवीय और मौलिक मूल्यों को ध्यान में रखकर गरीब और लाचार अभियुक्तों का निशुल्क पैरवी करती है। हर माह बंदी समाधान दिवस लगाकार बंदियों की समस्याओं को समझा जाता है। - दीपक रावत, चीफ डिफेंस काउंसिल सिस्टम।
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