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गोधना में छह दिन में हुई चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Thu, 01 Sep 2016 01:08 AM IST
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डीघ क्षेत्र के गोधना गांव में डायरिया के प्रकोप से गुलाब हलवाई की मौत के बाद बिलखते परिवारीजन।
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डीघ ब्लॉक क्षेत्र के गोधना गांव में डायरिया का प्रकोप गहरा गया है। मंगलवार की रात गांव में डायरिया की चपेट में आकर बालिका समेत तीन लोगों की मौत हो गई। गत 25 अगस्त को इसी गांव में डायरिया से एक महिला की जान चली गई थी। छह दिनों के अंदर गांव में डायरिया से चार लोगों की मौत से ग्रामीण सहम गए हैं। गांव की दलित, मुस्लिम और हलवाई बस्ती में अब भी 30 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में हैं। जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। आशा को गांव में क्लोरीन का वितरण कराने, पीड़ित मरीजों की सूची बनाने और एएनएम को डीडीटी छिड़काव के लिए निर्देशित किया गया है।
मालूम हो कि गोधना गांव निवासी गोपाल दास हलवाई (60) पिछले तीन दिनों से उल्टी दस्त और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थे। उन्हें गांव पर उपचार कराने के बाद जंगीगंज स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां बीती रात साढ़े 12 बजे हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। जबकि उनके घर से सौ मीटर दूर गुलाब चंद हलवाई (55) भी करीब एक सप्ताह से डायरिया की चपेट में थे। उन्हें जिले के झोलाछाप डाक्टर से इलाज कराने के बाद हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद ले जाया गया, जहां रात करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। वहीं गांव की मुस्लिम बस्ती में पांच वर्षीय बच्ची मैनाज पुत्र करिया चार दिन से उल्टी-दस्त से पीड़ित थी।
उसे परिवार वाले जिले में इलाज कराने के बाद मिर्जापुर ले गए थे। जहां रात भोर में करीब तीन बजे उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और बालिका ने दम तोड़ दिया। अचानक एक ही रात में डायरिया से तीन मौतों ने गांव वालों को झकझोर कर रख दिया है। गोधना गांव में पांच दिन पूर्व रामलली (40) पत्नी राज नारायण की डायरिया से मौत हो गई थी। जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और आशा, एएनएम को क्लोरीन वितरण, मरीजों की सूची और डीडीटी छिड़काव के लिए निर्देश दिया।
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मालूम हो कि गोधना गांव निवासी गोपाल दास हलवाई (60) पिछले तीन दिनों से उल्टी दस्त और पेट दर्द की समस्या से पीड़ित थे। उन्हें गांव पर उपचार कराने के बाद जंगीगंज स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां बीती रात साढ़े 12 बजे हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। जबकि उनके घर से सौ मीटर दूर गुलाब चंद हलवाई (55) भी करीब एक सप्ताह से डायरिया की चपेट में थे। उन्हें जिले के झोलाछाप डाक्टर से इलाज कराने के बाद हालत गंभीर होने पर इलाहाबाद ले जाया गया, जहां रात करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। वहीं गांव की मुस्लिम बस्ती में पांच वर्षीय बच्ची मैनाज पुत्र करिया चार दिन से उल्टी-दस्त से पीड़ित थी।
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उसे परिवार वाले जिले में इलाज कराने के बाद मिर्जापुर ले गए थे। जहां रात भोर में करीब तीन बजे उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और बालिका ने दम तोड़ दिया। अचानक एक ही रात में डायरिया से तीन मौतों ने गांव वालों को झकझोर कर रख दिया है। गोधना गांव में पांच दिन पूर्व रामलली (40) पत्नी राज नारायण की डायरिया से मौत हो गई थी। जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और आशा, एएनएम को क्लोरीन वितरण, मरीजों की सूची और डीडीटी छिड़काव के लिए निर्देश दिया।
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