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Bhadohi News: चार गोशालाओं की जल्द मिलेगी सौगात, छुट्टा पशुओं से मिलेगा छुटकारा
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ज्ञानपुर। जिले के छुट्टा पशुओं की समस्या से जल्द ही छुटकारा मिलेगा। जिले के तीन ब्लॉकों में निर्माणाधीन चार गोआश्रय स्थलाें के निर्माण का 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अगस्त तक तीनों गोशालाओं का संचालन भी शुरू हो जाएगा। खास बात है कि औराई के चक उदयकरनपुर के छोड़कर अन्य सभी गोशालाओं में 200-200 गोवंश रखने की क्षमता है। इससे जिले के अन्य गोशालाओं में गोवंशों का अतिरिक्त भार कम हो सकेगा।
जनपद में 26 अस्थायी एक स्थायी व दो वृहद गोसंरक्षण केंद्र है। कुल 29 गोआश्रय स्थलों में 6358 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। इनमें कई गोआश्रय स्थल ऐसे हैं, जहां क्षमता से अधिक गोवंशाें के होने के कारण अक्सर असुविधा होती है। ऐसे में पशुपालन विभाग की ओर से जिले के तीन ब्लॉकों में चार गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें एक करोड़ 20 लाख की लागत से औराई के उदयकरनपुर में स्थायी गोशाला के साथ ही औराई के ही चक निरंजनपुर, अभोली के हरदुआ और भदोही में अस्थायी गोआश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है। जिसमें उदयकरनपुर की क्षमता 400 गोवंशों की है। वहीं तीन अन्य गोशालाओं की क्षमता एक-एक हजार गोवंशों की है। इन सभी गोआश्रय स्थलों के 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शुक्रवार को विशेष सचिव उप्र पशुधन प्रसार व नोडल विंध्याचल मंडल जिले में आए हुए थे। उन्होंने भी निर्माणाधीन गोआश्रय स्थलों को समय से पूरा करने का निर्देश दिया है।
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इनसेट:
नुकसान होने से बचेगी फसल:
छुट्टे मवेशियों फसलें खराब होती हैं। इसके कारण कई किसान खेती से मुंह भी मोड़ चुके हैं, जबकि पशुपालन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर छुट्टे मवेशियों को पकड़ा जाता है। फिर भी दर्जनों की संख्या में मवेशी ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर तक दिखते है। वाराणसी-प्रयागराज हाइवे पर मवेशियों के कारण हादसा भी होता, लेकिन नए गोशाला बनने के बाद इन समस्याओं से समाधान कुछ हद लगाम लग सकेगा।
एक स्थायी और तीन अस्थायी गोआश्रय स्थलों का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया। कुछ काम अधूरा होने के कारण संचालन शुरु नहीं है, जल्द से जल्द गोशाला का संचालन शुरू किया जाएगा।
-- डा. राजेश उपाध्याय, प्रभारी सीवीओ
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जनपद में 26 अस्थायी एक स्थायी व दो वृहद गोसंरक्षण केंद्र है। कुल 29 गोआश्रय स्थलों में 6358 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। इनमें कई गोआश्रय स्थल ऐसे हैं, जहां क्षमता से अधिक गोवंशाें के होने के कारण अक्सर असुविधा होती है। ऐसे में पशुपालन विभाग की ओर से जिले के तीन ब्लॉकों में चार गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें एक करोड़ 20 लाख की लागत से औराई के उदयकरनपुर में स्थायी गोशाला के साथ ही औराई के ही चक निरंजनपुर, अभोली के हरदुआ और भदोही में अस्थायी गोआश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है। जिसमें उदयकरनपुर की क्षमता 400 गोवंशों की है। वहीं तीन अन्य गोशालाओं की क्षमता एक-एक हजार गोवंशों की है। इन सभी गोआश्रय स्थलों के 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शुक्रवार को विशेष सचिव उप्र पशुधन प्रसार व नोडल विंध्याचल मंडल जिले में आए हुए थे। उन्होंने भी निर्माणाधीन गोआश्रय स्थलों को समय से पूरा करने का निर्देश दिया है।
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नुकसान होने से बचेगी फसल:
छुट्टे मवेशियों फसलें खराब होती हैं। इसके कारण कई किसान खेती से मुंह भी मोड़ चुके हैं, जबकि पशुपालन विभाग द्वारा निरंतर अभियान चलाकर छुट्टे मवेशियों को पकड़ा जाता है। फिर भी दर्जनों की संख्या में मवेशी ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर तक दिखते है। वाराणसी-प्रयागराज हाइवे पर मवेशियों के कारण हादसा भी होता, लेकिन नए गोशाला बनने के बाद इन समस्याओं से समाधान कुछ हद लगाम लग सकेगा।
एक स्थायी और तीन अस्थायी गोआश्रय स्थलों का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया। कुछ काम अधूरा होने के कारण संचालन शुरु नहीं है, जल्द से जल्द गोशाला का संचालन शुरू किया जाएगा।