ज्ञानपुर। जिले में संचालित ज्यादातर ईंट-भट्ठा संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब ईंट-भट्ठों के खिलाफ सख्ती शुरू की गई है। बृहस्पतिवार को डीएम के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने गोलखरा में तीन और सदाशिवपट्टी में एक भट्ठे को बंद करा दिया। विभागीय कार्रवाई से संचालकों में खलबली मच गई है।जिले में 167 ईंट-भट्ठा संचालित है। ईंट की पथाई, निर्माण एवं पकाने के लिए जिला पंचायत, खनन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेनी पड़ती है। ज्यादातर संचालक इसका पालन करते हैं, लेकिन 15 से 20 नियमों को दरकिनार करके संचालन करते हैं। पिछले दिनों कुछ लोगों ने डीएम कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। डीएम शैलेष कुमार ने ऐसे भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें एसडीएम न्यायिक ज्ञानपुर शिव प्रकाश यादव, प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत दुर्गेश शर्मा, खनन अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शामिल रहे। बृहस्पतिवार को गठित टीम ने लालजी ईंट उद्योग गोलखरा, मेरांस ईंट उद्योग गोलखरा, निर्मल ईंट उद्योग गोलखरा और मिशफिल्ड ईंट उद्योग सदाशिवपट्टी कोइरौना को बंद कराया। चारों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी न होने के साथ ही अन्य मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत दुर्गेश कुमार शर्मा ने बताया कि नियमों का पालन करने वाले ही भट्ठा संचालित होंगे। गोलखरा गांव में संचालित दो ईंट भट्ठों मेसर्स लालजी ईंट उद्योग और मेसर्स निर्मल ईंट उद्योग बस्ती के बीच चल रहे थे। इससे लोगों की सेहत के लिए खतरा बना है। फ्लू गैस उत्सर्जन के लिए भूतल से 30 मीटर ऊंची चिमनी स्थापित मिली लेकिन सुुरक्षित सैंपलिंग, पोर्ट होल, सीढी एवं प्लेटफार्म स्थापित नहीं पाया गया।