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Bhadohi News: प्राकृतिक व मोटे अनाज की खेती अपनाएं किसान, मिलेगा अनुदान
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नगर के चित्रांगन लॉन में सोमवार को कृषि विभाग की ओर से जिला स्तरीय कृषि गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही विभागीय अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि औराई के भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और गुणवत्तापूर्ण फसलों का उत्पादन होगा। इस दौरान उन्होंने किसानों को ज्वार के नि:शुल्क मिनी किट भी वितरित किए तथा कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की सलाह के अनुरूप खेती करने की अपील की।
उप कृषि निदेशक राम प्रवेश ने खरीफ सीजन की खेती की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कम बारिश की संभावना के मद्देनजर अरहर, मक्का, बाजरा, ज्वार और मिलेट्स की खेती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 10 अगस्त 2026 तक खुला है, जिस पर किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार यंत्रों की बुकिंग कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक आरपी चौधरी ने अरहर की बुवाई एवं बीज उपचार की तकनीक बताई, जबकि कृषि वैज्ञानिक एके चतुर्वेदी ने भिंडी, लौकी समेत सब्जियों की वैज्ञानिक खेती से अधिक लाभ कमाने के उपाय बताए।
जिला कृषि अधिकारी इरम ने किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जनार्दन ने पशुओं के टीकाकरण और पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बागवानी, फल एवं सब्जी उत्पादन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से पंजीकरण कर उनका लाभ लेने की अपील की। प्रगतिशील किसान ओंकारनाथ उपाध्याय ने बीजामृत और जीवामृत के प्रयोग के अपने अनुभव साझा किए और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। गोष्ठी में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर किसानों को योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी।
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उप कृषि निदेशक राम प्रवेश ने खरीफ सीजन की खेती की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कम बारिश की संभावना के मद्देनजर अरहर, मक्का, बाजरा, ज्वार और मिलेट्स की खेती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 10 अगस्त 2026 तक खुला है, जिस पर किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार यंत्रों की बुकिंग कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक आरपी चौधरी ने अरहर की बुवाई एवं बीज उपचार की तकनीक बताई, जबकि कृषि वैज्ञानिक एके चतुर्वेदी ने भिंडी, लौकी समेत सब्जियों की वैज्ञानिक खेती से अधिक लाभ कमाने के उपाय बताए।
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जिला कृषि अधिकारी इरम ने किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जनार्दन ने पशुओं के टीकाकरण और पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बागवानी, फल एवं सब्जी उत्पादन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से पंजीकरण कर उनका लाभ लेने की अपील की। प्रगतिशील किसान ओंकारनाथ उपाध्याय ने बीजामृत और जीवामृत के प्रयोग के अपने अनुभव साझा किए और किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। गोष्ठी में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर किसानों को योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी।
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