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चुनाव निरस्त होने से मार्च कालीन मेले के आयोजन पर संशय

Wed, 02 Feb 2022 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 10:30 PM IST
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Doubt on the organization of the March carpet fair due to the cancellation of the election
भदोही। वर्ष 2020 और 2021 के चार इंडिया कारपेट एक्सपो कोविड-19 की भेंट चढ़ने के बाद वर्ष 2022 का प्रथम कारपेट एक्सपो होगा या नहीं होगा इसको लेकर कालीन निर्यातकों में संशय का माहौल है। गत दिनो विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शांतमनु ने चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर गत वर्ष सितंबर में हुए सीईपीसी के चुनाव को निरस्त कर नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। भंग बोर्ड ने ही 25 से 28 मार्च को नई दिल्ली में कालीन मेला आयोजन की तिथि घोषित की थी। लेकिन अब कहा जा रहा है कि जब प्रशासनिक समिति ही नहीं होगी तो कालीन मेला कैसे हो पाएगा? सीईपीसी हर वर्ष मार्च में नई दिल्ली में और अक्टूबर में वाराणसी में कालीन मेला आयोजन करता है। वर्ष 2020 और 2021 के चारो कारपेट एक्सपो कोविड के चलते नहीं हो सके। इसकी भरपाई के लिए सीईपीसी ने वर्चुअल फेयर कराए थे लेकिन उसका खास लाभ नहीं मिला। गत वर्ष परिषद की प्रशासनिक समिति का चुनाव के बाद नवगठित बोर्ड ने हाल ही में मार्च में नई दिल्ली में कालीन मेले की तिथियां घोषित कर दी थीं और दुनियां भर के आयातकों और भारत के कालीन निर्यातकों से भागीदारी के लिए संपर्क कर रही थी। इस बीच पूर्व प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता व अन्य की चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए विकास आयुक्त हस्तशिल्प ने चुनाव निरस्त करते हुए नवगठित बोर्ड को भंग कर दिया। इसके बाद से कालीन नगरी में लोगों में संशय है कि कहीं कालीन मेला भी न निरस्त करना पड़ा। इस बारे में अंसारी रग बाजार के हाजी कलाम अंसारी ने कहा कि कम मुझे चुनाव के विवाद में नहीं पड़ना है लेकिन एक्सपो रद होगा तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि एक तो हम लोग पहले ही समस्याएं झेल रहे हैं। यदि एक्सपो नहीं होगा तो बहुतों की तैयारियां धरी की धरी रह जाएंगी।
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उधर, भंग बोर्ड के सदस्य इस बारे में बोलने से कतराते रहे। एक सदस्य असलम महबूब ने कहा कि चूंकि बोर्ड भंग हो चुका है और मैं उसका सदस्य था। ऐसे में मैं कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हूं।
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