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बारिश से फसल चौपट 30 फीसदी नुकसान
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Tue, 17 Mar 2015 01:41 AM IST
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जनपद में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। खड़ी फसल के खेतों में पानी भरने से उनके माथे पर चिंता की लकीरे खिंच गई हैं।
जहां सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल तेज हवा के कारण गिर गई हैं, वहीं बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से फसल चौपट होने की नौबत आ गई है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो 18 से 30 फीसदी तक का नुकसान हुआ है।
बारिश से गेहूं, सरसो, अलसी, मटर, अरहर आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर तैयार गेहूं की फसल को किसान काटने की तैयारी में जुटे थे लेकिन बारिश से तैयारी बेकार हो गई।
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धान के सीजन में बारिश न होने से रोपाई को लेकर जहां किसान परेशान रहे, वहीं अब गेहूं समेत अन्य तिलहनी एवं दलहनी फैसलों के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
सप्ताह भर पूर्व आए चक्रवाती तूफान के सदमे से किसान उबर नहीं पाए थे कि दो दिनों से जिले में रूक-रूककर हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर शिकन ला दी है।
खेत में तैयार गेंहू, सरसाें, मटर की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है। पिछले दिनों आए तूफान से खेत में गिर गई गेहूं की फसल पानी लगने से सड़ने लगी है।
अरहर और चना में आए फूल बारिश के चलते गिर गए हैं। विशेषज्ञों की मानी जाए तो बेमौसम बारिश से पैदावार 15 से 25 फीसदी तक घट जाएगी।
परऊपुर प्रगतिशील किसान रामेश्वर सिंह ने बताया कि बारिश से अरहर, चने का फूल गिर जाने से पैदावार कम हो जाएगी। अकबाल बहादुर तिवारी की माने तो बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। फसल की पैदावार भी कम होगी।
उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य का कहना है कि गेहूं की फसल 18 से 30 फीसदी तथा अन्य फसलों को 10 से 15 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
जो गेहूं की फसलें हवा से नहीं गिरी हैं उस पर खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन जो खेतों में गिर गई हैं और पानी लग गया है वह सड़ सकती हैं। इससे किसानों को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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जहां सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल तेज हवा के कारण गिर गई हैं, वहीं बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से फसल चौपट होने की नौबत आ गई है। कृषि विशेषज्ञों की माने तो 18 से 30 फीसदी तक का नुकसान हुआ है।
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बारिश से गेहूं, सरसो, अलसी, मटर, अरहर आदि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर तैयार गेहूं की फसल को किसान काटने की तैयारी में जुटे थे लेकिन बारिश से तैयारी बेकार हो गई।
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धान के सीजन में बारिश न होने से रोपाई को लेकर जहां किसान परेशान रहे, वहीं अब गेहूं समेत अन्य तिलहनी एवं दलहनी फैसलों के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
सप्ताह भर पूर्व आए चक्रवाती तूफान के सदमे से किसान उबर नहीं पाए थे कि दो दिनों से जिले में रूक-रूककर हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर शिकन ला दी है।
खेत में तैयार गेंहू, सरसाें, मटर की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है। पिछले दिनों आए तूफान से खेत में गिर गई गेहूं की फसल पानी लगने से सड़ने लगी है।
अरहर और चना में आए फूल बारिश के चलते गिर गए हैं। विशेषज्ञों की मानी जाए तो बेमौसम बारिश से पैदावार 15 से 25 फीसदी तक घट जाएगी।
परऊपुर प्रगतिशील किसान रामेश्वर सिंह ने बताया कि बारिश से अरहर, चने का फूल गिर जाने से पैदावार कम हो जाएगी। अकबाल बहादुर तिवारी की माने तो बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। फसल की पैदावार भी कम होगी।
उप निदेशक कृषि डा. आरके मौर्य का कहना है कि गेहूं की फसल 18 से 30 फीसदी तथा अन्य फसलों को 10 से 15 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
जो गेहूं की फसलें हवा से नहीं गिरी हैं उस पर खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन जो खेतों में गिर गई हैं और पानी लग गया है वह सड़ सकती हैं। इससे किसानों को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।