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तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग
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कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से घोषित भारत बंद का जिले में कोई खास असर नहीं रहा। रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक पुलिस मुस्तैद होकर हर गतिविधियों पर नजर गड़ाए रही। किसान संगठनों ने भदोही के सदलूबीर बाजार और जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन डीएम और एसडीएम को सौंपकर हक-अधिकार की आवाज उठाई।
जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान यूनियन-टिकैत ग्रुप मल्लूराम बिंद ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने, उपज की कालाबाजारी रोकने के लिए निजी दुकानों को किसानों के समर्थन में बंद रखने, खेत-खलिहानों में छुट्टा घूमने वाले पशुओं को संरक्षण गृह भेजने की मांग की। इसी क्रम में सदलूबीर बाजार में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बंद का समर्थन किया। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि किसानों का हक-अधिकार कोई भी सरकार नहीं छीन सकती और संविधान में पारित कानून को ही किसान मानेंगे। संरक्षक शालिकराम यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के नाम पर खोखली राजनीति बंद कर उनके हक को बहाल करे तभी आवाज रुक सकेगी। नाराजगी जताई कि एक ओर किसानों को संतृप्त करने के लिए योजनाएं शुरू की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकार छीनने के लिए पूंजीपतियों के इशारे पर किसान विरोधी कानून पारित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव से पहले किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर एमएसपी दर की गारंटी लेने, बिजली बिल में छूट देने, कर्ज माफ कर प्राकृतिक आपदाओं की क्षतिपूर्ति करने की मांग की। एसडीएम भदोही एके मिश्रा की ओर से प्रभारी निरीक्षक दुर्गागंज रामदरश ने ज्ञापन लिया। इस मौके पर श्यामधर यादव, त्रिलोकीनाथ बिंद, मूलचंद गौतम, दौलतराम, दीनानाथ, भानुप्रकाश बिंद, दिनेश यादव, अमरनाथ गौतम, जोखन गौतम, पारसनाथ गौतम आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान यूनियन-टिकैत ग्रुप मल्लूराम बिंद ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने, उपज की कालाबाजारी रोकने के लिए निजी दुकानों को किसानों के समर्थन में बंद रखने, खेत-खलिहानों में छुट्टा घूमने वाले पशुओं को संरक्षण गृह भेजने की मांग की। इसी क्रम में सदलूबीर बाजार में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बंद का समर्थन किया। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि किसानों का हक-अधिकार कोई भी सरकार नहीं छीन सकती और संविधान में पारित कानून को ही किसान मानेंगे। संरक्षक शालिकराम यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के नाम पर खोखली राजनीति बंद कर उनके हक को बहाल करे तभी आवाज रुक सकेगी। नाराजगी जताई कि एक ओर किसानों को संतृप्त करने के लिए योजनाएं शुरू की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकार छीनने के लिए पूंजीपतियों के इशारे पर किसान विरोधी कानून पारित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव से पहले किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर एमएसपी दर की गारंटी लेने, बिजली बिल में छूट देने, कर्ज माफ कर प्राकृतिक आपदाओं की क्षतिपूर्ति करने की मांग की। एसडीएम भदोही एके मिश्रा की ओर से प्रभारी निरीक्षक दुर्गागंज रामदरश ने ज्ञापन लिया। इस मौके पर श्यामधर यादव, त्रिलोकीनाथ बिंद, मूलचंद गौतम, दौलतराम, दीनानाथ, भानुप्रकाश बिंद, दिनेश यादव, अमरनाथ गौतम, जोखन गौतम, पारसनाथ गौतम आदि मौजूद रहे।
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