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युवक ने आग लगाकर की खुदकुशी
ब्यूरो ज्ञानपुर अमर उजाला
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:36 AM IST
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थाना क्षेत्र के धीरपुर वैदा में युवक ने बीतीरात आग लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए ले जा रहे थे। लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारण का पता नहीं चल सका है।
वैदा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार मिश्रा (35) पुत्र देवमणि मिश्रा वाराणसी में होमगार्ड था। दो साल से घर पर रहकर आटो चला रहा था। सोमवार की रात में वह पत्नी से शौच के लिए जाने की बात कहकर छत पर गया।
इस दौरान आग लगा लिया, इससे वह जलने लगा। छत पर रेलिंग न होने से छटपटाने के दौरान वह नीचे आ गिरा। आधी रात के बाद छत से गिरने की आवाज पर जागे परिजन भागकर घर के पीछे गए तो देखा तो सुरेंद्र काफी हद तक जल गया था।
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किसी तरह प्रयास करके आग पर काबू किया गया। अस्पताल जाने की तैयारी में लगे थे। तब तक उसकी मौत हो गई। सुबह होने पर गांव समेत आस पास के तमाम लोग पहुंच गए।
गोपीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो लड़के और एक लड़की है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
पिता देवमणि मिश्रा का कहना था कि सुरेंद्र का व्यवहार मिलनसार था। उसने किस कारण से खुदकुशी की कह नहीं सकता। वाराणसी में होमगार्ड की नौकरी से आने के बाद उसके लिए आटो खरीदकर दिया था, जिसे चलाकर अपना खर्चा निकालता था।
स्थानीय लोगों की माने तो सुरेंद्र विगत कुछ दिनों से परेशान चल रहा था।
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इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के कारण का पता नहीं चल सका है।
वैदा गांव निवासी सुरेंद्र कुमार मिश्रा (35) पुत्र देवमणि मिश्रा वाराणसी में होमगार्ड था। दो साल से घर पर रहकर आटो चला रहा था। सोमवार की रात में वह पत्नी से शौच के लिए जाने की बात कहकर छत पर गया।
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इस दौरान आग लगा लिया, इससे वह जलने लगा। छत पर रेलिंग न होने से छटपटाने के दौरान वह नीचे आ गिरा। आधी रात के बाद छत से गिरने की आवाज पर जागे परिजन भागकर घर के पीछे गए तो देखा तो सुरेंद्र काफी हद तक जल गया था।
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किसी तरह प्रयास करके आग पर काबू किया गया। अस्पताल जाने की तैयारी में लगे थे। तब तक उसकी मौत हो गई। सुबह होने पर गांव समेत आस पास के तमाम लोग पहुंच गए।
गोपीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो लड़के और एक लड़की है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
पिता देवमणि मिश्रा का कहना था कि सुरेंद्र का व्यवहार मिलनसार था। उसने किस कारण से खुदकुशी की कह नहीं सकता। वाराणसी में होमगार्ड की नौकरी से आने के बाद उसके लिए आटो खरीदकर दिया था, जिसे चलाकर अपना खर्चा निकालता था।
स्थानीय लोगों की माने तो सुरेंद्र विगत कुछ दिनों से परेशान चल रहा था।