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चार दिन बाद दर्ज हो सका अज्ञात उचक्कों के खिलाफ मुकदमा
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गोपीगंज। नगर स्थित बस स्टैंड के पास से एक स्कार्पियो में रखे रुपये और जेवरातों से भरे बैग गायब होने के मामले में चार दिन बाद शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर थानांतर्गत चतरा गांव निवासी रामनरेश यादव 15 अप्रैल को स्कार्पियो पर सवार होकर पत्नी एवं बच्चों के साथ अपने पैतृक आवास आगरा जा रहे थे। रास्ते मे टायर पंक्चर होने पर गोपीगंज में बस स्टैंड के पास सुबह लगभग नौ बजे एक दुकान के पास स्कार्पियो खड़ी कर वह पंक्चर बनवा रहे थे। इसी बीच परिवार के लोग पास की एक दुकान पर नाश्ता करने चले गए। इसी दौरान दुकान पर खड़ा युवक स्कार्पियो के पास 10 का नोट गिराते हुए नाश्ता कर रही पत्नी से कहा कि आंटी आपका पैसा गिरा है। पहले तो रामनरेश यादव की पत्नी ने नोट उठाने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में जब नोट उठाने के लिए गेट के पास झुकीं वैसे ही उचक्का बैग लेकर भाग निकला।
शोर मचाने पर जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक उचक्का गायब हो चुका था। वाहन चालक ने पास ही स्थित एक होटल संचालक पर बैग गायब कराने का आरोप लगाते हुए इसकी सूचना कोतवाली में दी। मामला गंभीर देख मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के लिए होटल संचालक सहित दो लोगों को हिरासत में लिया था। तहरीर में रामनरेश ने अवगत कराया था कि उचक्के के हाथ लगे बैग में 20 हजार नगद और लगभग तीन लाख के जेवर और अन्य सामान थे। पुलिस ने चार दिन बाद तहरीर को संज्ञान में लेते हुए अज्ञात उचक्के के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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पुलिस की सतर्कता पर उठ रहे सवाल
गोपीगंज। गत चार माह में दर्जन भर से अधिक हो चुकीं चोरी, छिनैती, लूट एवं मारपीट की घटनाओं को लेकर कोतवाली पुलिस की सक्रियता सवालों के घेरे में आ गई है। नगर स्थित बड़ा चौराहा से लकर मिर्जापुर रोड तिराहा तक अति व्यस्त राजमार्ग पर वाहनों के साथ लोगों का भी बड़े पैमाने पर जमावड़ा रहता है। बस स्टैंड के कारण इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर आदि दूरदराज क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्री मयपरिवार सरकारी एवं निजी वाहनों का इंतजार करते रहते हैं। इस बीच उचक्के यात्रियों को अपना शिकार बनाकर हड़कंप खड़ा कर देते हैं। कोतवाली, चौकी और पीआरबी पुलिस की मौजूदगी महज 500 मीटर की दूरी पर रहती है फिर भी उचक्कों का हौसला बुलंद रहता है।
छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर थानांतर्गत चतरा गांव निवासी रामनरेश यादव 15 अप्रैल को स्कार्पियो पर सवार होकर पत्नी एवं बच्चों के साथ अपने पैतृक आवास आगरा जा रहे थे। रास्ते मे टायर पंक्चर होने पर गोपीगंज में बस स्टैंड के पास सुबह लगभग नौ बजे एक दुकान के पास स्कार्पियो खड़ी कर वह पंक्चर बनवा रहे थे। इसी बीच परिवार के लोग पास की एक दुकान पर नाश्ता करने चले गए। इसी दौरान दुकान पर खड़ा युवक स्कार्पियो के पास 10 का नोट गिराते हुए नाश्ता कर रही पत्नी से कहा कि आंटी आपका पैसा गिरा है। पहले तो रामनरेश यादव की पत्नी ने नोट उठाने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में जब नोट उठाने के लिए गेट के पास झुकीं वैसे ही उचक्का बैग लेकर भाग निकला।
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शोर मचाने पर जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक उचक्का गायब हो चुका था। वाहन चालक ने पास ही स्थित एक होटल संचालक पर बैग गायब कराने का आरोप लगाते हुए इसकी सूचना कोतवाली में दी। मामला गंभीर देख मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के लिए होटल संचालक सहित दो लोगों को हिरासत में लिया था। तहरीर में रामनरेश ने अवगत कराया था कि उचक्के के हाथ लगे बैग में 20 हजार नगद और लगभग तीन लाख के जेवर और अन्य सामान थे। पुलिस ने चार दिन बाद तहरीर को संज्ञान में लेते हुए अज्ञात उचक्के के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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पुलिस की सतर्कता पर उठ रहे सवाल
गोपीगंज। गत चार माह में दर्जन भर से अधिक हो चुकीं चोरी, छिनैती, लूट एवं मारपीट की घटनाओं को लेकर कोतवाली पुलिस की सक्रियता सवालों के घेरे में आ गई है। नगर स्थित बड़ा चौराहा से लकर मिर्जापुर रोड तिराहा तक अति व्यस्त राजमार्ग पर वाहनों के साथ लोगों का भी बड़े पैमाने पर जमावड़ा रहता है। बस स्टैंड के कारण इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर आदि दूरदराज क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्री मयपरिवार सरकारी एवं निजी वाहनों का इंतजार करते रहते हैं। इस बीच उचक्के यात्रियों को अपना शिकार बनाकर हड़कंप खड़ा कर देते हैं। कोतवाली, चौकी और पीआरबी पुलिस की मौजूदगी महज 500 मीटर की दूरी पर रहती है फिर भी उचक्कों का हौसला बुलंद रहता है।