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वितीय अनियमितता में प्रधान के खिलाफ मुकदमा
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:15 AM IST
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भदोही। वित्तीय अधिकार सीज होते हुए भी परगासपुर में एमडीएम मद में ग्रामसभा का धन निकालने के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रधान जोगेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद आठ दिसंबर को हुआ है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
मुकदमा के वादी गांव के ही विजय कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि गांव के प्रधान जोगेंद्र का गत वर्ष 11 दिसंबर को तत्कालीन जिलाधिकारी ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने और गबन का प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ प्रधान ने उच्च न्यायालय से स्टे लेने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने प्रधान की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भी प्रधान ने सरकारी धन का दुरुपयोग और गबन करने की नीयत से जनवरी 2018 माह के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के नाम पर अनाज आहरित करते हुए चेक पर प्रधान की हैसियत से अपना हस्ताक्षर और ग्राम सभा की मुहर का इस्तेमाल करते हुए दुरुपयोग किया। वादी ने बताया कि मामले में पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर उसने न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश के बाद पुलिस ने जोगेंद्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
मुकदमा के वादी गांव के ही विजय कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि गांव के प्रधान जोगेंद्र का गत वर्ष 11 दिसंबर को तत्कालीन जिलाधिकारी ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने और गबन का प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ प्रधान ने उच्च न्यायालय से स्टे लेने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने प्रधान की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भी प्रधान ने सरकारी धन का दुरुपयोग और गबन करने की नीयत से जनवरी 2018 माह के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के नाम पर अनाज आहरित करते हुए चेक पर प्रधान की हैसियत से अपना हस्ताक्षर और ग्राम सभा की मुहर का इस्तेमाल करते हुए दुरुपयोग किया। वादी ने बताया कि मामले में पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर उसने न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय ने कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश के बाद पुलिस ने जोगेंद्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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