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गोकुलपट्टी में 15 और गोपीपुर में तीन लाभार्थी अपात्र
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:51 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भी व्यापक स्तर पर धांधली सामने आ रही है। आए दिन जांच के बाद एक-एक गांव में अपात्रों को आवास आवंटन का खुलासा हो रहा है। सोमवार को अभोली के गोकुलपट्टी में 15 और ज्ञानपुर के गोपीपुर में तीन अपात्रों को आवास आवंटन का मामला सामने आया। बीडीओ की जांच आख्या के बाद सीडीओ ने रिकवरी का आदेश दिया।
गरीबों को पक्का छत मुहैया कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों पर भ्रष्ट अधिकारियों और ग्राम प्रधानों ने पलीता लगाना शुरू कर दिया है। वास्तविक पात्र के बजाए अपना वोट बैंक साधने के लिए मनमानी ढंग से आवासों का आवंटन किया गया। गत एक माह के दौरान चल रही जांच में आए दिन धांधली का पोल खुल रहा है। सुरियावां के बहुता चकडाही, डंगहर, अभोली के गड़ौरा, गंगारामपुर के बाद अब गोकुलपट्टी में गड़बड़ी सामने आई। आईजीआरएस पर आई शिकायत के बाद सीडीओ ने बीडीओ को जांच सौंपी थी। गोकुलपट्टी में 19 आवास मिले थे, जिसमें 15 अपात्रों को दे दिया गया। इसी तरह, ज्ञानपुर के गोपीपुर में बीडीओ की जांच में उमाशंकर, रमाशंकर और रीना देवी अपात्र मिलीं। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि गरीबों के लिए चलाई गई योजना में किसी भी स्तर पर धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच कराने के बाद संबंधित ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पर कार्रवाई होगी।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में भी व्यापक स्तर पर धांधली सामने आ रही है। आए दिन जांच के बाद एक-एक गांव में अपात्रों को आवास आवंटन का खुलासा हो रहा है। सोमवार को अभोली के गोकुलपट्टी में 15 और ज्ञानपुर के गोपीपुर में तीन अपात्रों को आवास आवंटन का मामला सामने आया। बीडीओ की जांच आख्या के बाद सीडीओ ने रिकवरी का आदेश दिया।
गरीबों को पक्का छत मुहैया कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों पर भ्रष्ट अधिकारियों और ग्राम प्रधानों ने पलीता लगाना शुरू कर दिया है। वास्तविक पात्र के बजाए अपना वोट बैंक साधने के लिए मनमानी ढंग से आवासों का आवंटन किया गया। गत एक माह के दौरान चल रही जांच में आए दिन धांधली का पोल खुल रहा है। सुरियावां के बहुता चकडाही, डंगहर, अभोली के गड़ौरा, गंगारामपुर के बाद अब गोकुलपट्टी में गड़बड़ी सामने आई। आईजीआरएस पर आई शिकायत के बाद सीडीओ ने बीडीओ को जांच सौंपी थी। गोकुलपट्टी में 19 आवास मिले थे, जिसमें 15 अपात्रों को दे दिया गया। इसी तरह, ज्ञानपुर के गोपीपुर में बीडीओ की जांच में उमाशंकर, रमाशंकर और रीना देवी अपात्र मिलीं। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि गरीबों के लिए चलाई गई योजना में किसी भी स्तर पर धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच कराने के बाद संबंधित ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पर कार्रवाई होगी।
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