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इंजीनियर को झांसा देकर उचक्कों ने उड़ाया गहनों से भरा बैग
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लालानगर। बुधवार की दोपहर में गोपीगंज नगर स्थित राजमार्ग-बड़ा चौराहे पर उस समय लोगों में अफरातफरी मच गई, जब राजस्थान में वीआरएस के इंजीनियर रामराज सरोज निवासी अछवर, ज्ञानपुर को उचक्कों ने अपना शिकार बनाते हुए लाखों रुपये के गहनों से भरे बैग पर हाथ साफ कर दिया। बदहवासी की हालात में पुलिस चौकी पहुंच कर उन्होंने तहरीर दी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।
रामराज सरोज बुधवार को राजस्थान से अछवर स्थित गांव पर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए पत्नी के साथ ट्रेन से प्रयागराज उतर कर बस से गोपीगंज नगर पहुंचे। जहां शिकार की तलाश में बैठे जालसाजों ने माया जाल फेंकना शुरू किया। पहले रामराज सरोज और पत्नी को चाचा-चाची कहते हुए पैर छुआ फिर दोनों को ऑटो पर बैठाने की बात कह कर साथ हो लिए। राजमार्ग के उत्तरी लेन पर ऑटो रिजर्व करने के बहाने उनको ऑटो के पास ही छोड़ कर गहनों से भरे बैग लिए चाची के पास उचक्के यह कहते हुए पहुंच गए कि चाची बैग हमको दे दो और हमारे साथ ऑटो में चलो। बैग को उचक्कों के हवाले कर महिला आगे बढ़ी तो उचक्के वहां से खिसक लिए। काफी देर बीत जाने के बाद जब रामराज पत्नी को सड़क पार कराने पहुंचे तो वह बैग न देखकर अवाक रह गए। मामला समझते देर न लगी और उचक्कों को खोजने लगे, लेकिन वे नहीं मिले। थक-हार कर दंपती ने पुलिस चौकी पहुंच कर आपबीती सुनाई। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मामले को लेकर लोगों में इस बात की चर्चा जोर पकड़े रही कि जब पढ़े-लिखे लोग उचक्कों के संजाल में फंस जा रहे हैं तो अन्य लोगों का क्या होगा।
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रामराज सरोज बुधवार को राजस्थान से अछवर स्थित गांव पर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए पत्नी के साथ ट्रेन से प्रयागराज उतर कर बस से गोपीगंज नगर पहुंचे। जहां शिकार की तलाश में बैठे जालसाजों ने माया जाल फेंकना शुरू किया। पहले रामराज सरोज और पत्नी को चाचा-चाची कहते हुए पैर छुआ फिर दोनों को ऑटो पर बैठाने की बात कह कर साथ हो लिए। राजमार्ग के उत्तरी लेन पर ऑटो रिजर्व करने के बहाने उनको ऑटो के पास ही छोड़ कर गहनों से भरे बैग लिए चाची के पास उचक्के यह कहते हुए पहुंच गए कि चाची बैग हमको दे दो और हमारे साथ ऑटो में चलो। बैग को उचक्कों के हवाले कर महिला आगे बढ़ी तो उचक्के वहां से खिसक लिए। काफी देर बीत जाने के बाद जब रामराज पत्नी को सड़क पार कराने पहुंचे तो वह बैग न देखकर अवाक रह गए। मामला समझते देर न लगी और उचक्कों को खोजने लगे, लेकिन वे नहीं मिले। थक-हार कर दंपती ने पुलिस चौकी पहुंच कर आपबीती सुनाई। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मामले को लेकर लोगों में इस बात की चर्चा जोर पकड़े रही कि जब पढ़े-लिखे लोग उचक्कों के संजाल में फंस जा रहे हैं तो अन्य लोगों का क्या होगा।
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