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Bhadohi News: डेढ़ साल से बायोमीट्रिक मशीन खराब, कैसे लगेगी हाजिरी
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ज्ञानपुर। स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को राइट टाइम करने के लिए जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में लगी बायोमीट्रिक मशीन खराब है।
डेढ़ साल बाद भी उसे दुरूस्त नहीं किया गया। अब डीएम शैलेश सिंह ने लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन उसका पालन होना मुश्किल ही दिख रहा है। सौ शय्या अस्पताल में डॉक्टर, नर्स को छोड़ कर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सिर्फ हाजिरी लग रही है।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसको लेकर शासन गंभीर है, लेकिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लापरवाह बने हैं। आला अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी वह राइट टाइम नहीं हो पा रहे हैं। चिकित्सकों की लेटलतीफी रोकने के लिए दो साल पूर्व सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल और सौ शैय्या अस्पताल में बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू की गई।
कुछ दिनों के बाद ही सीएमओ दफ्तर और जिला अस्पताल में यह व्यवस्था ठप हो गई। विभाग का कहना है कि मशीन में तकनीकी दिक्कत आ गई है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि डेढ़ साल से उसमें सुधार क्यों नहीं हुआ। दूसरी ओर मुख्यालय मार्ग सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में बायोमीट्रिक मशीन लगाई गई है।
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डॉक्टर, नर्स की नहीं बल्कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। बायोमीट्रिक मशीन से सभी की हाजिरी लगनी चाहिए। अस्पतालों में कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर पर दर्ज की जाती है। जिला अस्पताल के समय से दो मिनट पहले तक पंचिग करना होता था। इससे यह सहूलियत होती है कि कर्मचारी समय से अस्पताल पहुंचते हैं।
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डेढ़ साल बाद भी उसे दुरूस्त नहीं किया गया। अब डीएम शैलेश सिंह ने लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन उसका पालन होना मुश्किल ही दिख रहा है। सौ शय्या अस्पताल में डॉक्टर, नर्स को छोड़ कर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सिर्फ हाजिरी लग रही है।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसको लेकर शासन गंभीर है, लेकिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लापरवाह बने हैं। आला अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी वह राइट टाइम नहीं हो पा रहे हैं। चिकित्सकों की लेटलतीफी रोकने के लिए दो साल पूर्व सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल और सौ शैय्या अस्पताल में बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू की गई।
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कुछ दिनों के बाद ही सीएमओ दफ्तर और जिला अस्पताल में यह व्यवस्था ठप हो गई। विभाग का कहना है कि मशीन में तकनीकी दिक्कत आ गई है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि डेढ़ साल से उसमें सुधार क्यों नहीं हुआ। दूसरी ओर मुख्यालय मार्ग सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में बायोमीट्रिक मशीन लगाई गई है।
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डॉक्टर, नर्स की नहीं बल्कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। बायोमीट्रिक मशीन से सभी की हाजिरी लगनी चाहिए। अस्पतालों में कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर पर दर्ज की जाती है। जिला अस्पताल के समय से दो मिनट पहले तक पंचिग करना होता था। इससे यह सहूलियत होती है कि कर्मचारी समय से अस्पताल पहुंचते हैं।