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Bhadohi News : श्रम विभाग और एएचटीयू टीम की बड़ी कार्रवाई, बाल श्रमिकों को आजाद कराया, कालीन मजदूरी करते मिले

Thu, 27 Feb 2025 06:59 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Thu, 27 Feb 2025 06:59 PM IST
सार

कालीन कंपनी मजदूरी करते मिले सात बाल श्रमिकों को आजाद कराया गया। श्रम विभाग और एएचटीयू टीम ने दबिश देकर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार बच्चे बिहार के निवासी हैं और 14-14 घंटे काम कराया जाता था।

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Big action by Labor Department and AHTU team child laborers freed, found doing carpet labor
जेपी सिंह,श्रम प्रवर्तन अधिकारी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

श्रम विभाग और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को भदोही के जलालपुर मोहल्ले के एक कालीन कंपनी से सात बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। श्रम विभाग ने बच्चों सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया। बच्चों का आयु परीक्षण कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अनुसार बच्चों से 14 घंटे तक काम कराया जाता था। सभी बच्चे बिहार निवासी हैं।

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जिले में अक्सर बाल श्रम को लेकर अभियान चलाए जाते रहे हैं। कालीन कंपनी संचालकों की ओर से दावा किया जाता है कि किसी भी कंपनी में बाल श्रम नहीं कराया जाता। हालांकि समय-समय पर चलने वाले अभियानों में कालीन कंपनियों से बाल श्रमिक काम करते मिलते रहते हैं।
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श्रम विभाग को सूचना मिली कि भदोही के जलालपुर स्थित एक कालीन कंपनी में बच्चों से कालीन बुनाई कराई जा रही है। सूचना के बाद श्रम विभाग और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने कालीन कंपनी में दबिश दी तो वहां सात बाल श्रमिक काम करते मिले।
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टीम सभी बच्चों को वहां से लेकर आई और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया। कालीन कंपनी से बरामद हुए बच्चों का टीम के द्वारा मेडिकल कराया जा रहा है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी जेपी सिंह ने कहा कि भदोही के जलालपुर मोहल्ले में अकरम नाम के एक व्यक्ति का कालीन बुनाई का कार्य होता है।

वहां से सात बच्चों को बरामद किया गया है। सभी को सीडब्ल्यूसी को सौंपकर आयु परीक्षण कराया जा रहा है। अगर 14 साल से कम उम्र मिलती है तो बाल श्रम अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। बताया कि सभी बच्चे अररिया बिहार निवासी हैं। पूछताछ में पता चला है कि कंपनी में वे 14-14 घंटे कालीन बुनाई का काम करते थे।

बीते पांच सालों में 103 बाल श्रमिक हुए मुक्त
कालीन कंपनियों की ओर से अक्सर दावा किया जाता है कि कंपनियों में बाल श्रमिकों से काम नही कराया जाता है, लेकिन दलालों की सक्रियता के कारण अक्सर कालीन कंपनियों से बाल श्रमिकों को आजाद कराया जाता रहा है।


बीत पांच सालों में श्रम विभाग ने 178 अभियान चलाए हैं। जिसमें अब तक 103 बच्चे मुक्त कराए जा चुके हैं। जिसमें भदोही के 19, जौनपुर के 5, वाराणसी के एक, पश्चिम बंगाल के 16, बिहार के 29, छत्तीसगढ़ के 33 बच्चे शामिल हैं।

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