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छेछुआ और भुर्रा गांव में कटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:33 AM IST
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पुरुवा हवाओं के दबाव से गंगा की लहरें तटवर्ती क्षेत्रों में कहर बरपाने लगीं हैं। गुजरे 24 घंटे के दौरान जलस्तर में आधा मीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ ही छेछुआ और भुर्रा की लगभग 25 बीघे जमीन कटान की भेंट चढ़ गई है। किसान दहशत में हैं और आशियाना गंगा में समाने के बाद दलित शोभनाथ का कुनबा पलायन कर गया है।
बाढ़ की संवेदनशीलता को भांपकर शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने छेछुआ गांव का दौरा किया। डीएम ने पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट करने के साथ ही उन्हें पट्टे पर जमीन और लोहिया आवास देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
गंगा उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी स्थित गेज कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 79.660 मीटर रिकार्ड किया गया। जो बृहस्पतिवार के मुकाबले लगभग 40 सेमी. ज्यादा हो गया था। शाम छह बजे तक गंगा में एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी।
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उधर कटान भी तेज हो गई है। पुरुवा हवाओं के चलते हरहराते हुए उठ रहीं लहरें ठोकर मार-मारकर किसानों की खेती की जमीन को गंगा में मिला रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 24 घंटे के दौरान छेछुआ और भुर्रा गांवों की लगभग 25 बीघे और जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। कटान की विभीषिका देखकर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया।
भूमिहीन शोभनाथ का मकान गंगा में समा जाने के कारण डीएम ने उसे फौरी तौर पर गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। साथ ही मातहतों से कहा कि पीड़ित परिवार को पट्टे पर जमीन और लोहिया आवास देने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जिलाधिकारी ने उपधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिया कि गंगा की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए आसपास के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि कोई समस्या आने पर उसका त्वरित निराकरण किया जा सके।
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बाढ़ की संवेदनशीलता को भांपकर शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु और पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद भूषण पांडेय ने छेछुआ गांव का दौरा किया। डीएम ने पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट करने के साथ ही उन्हें पट्टे पर जमीन और लोहिया आवास देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
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गंगा उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी स्थित गेज कार्यालय के मुताबिक शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 79.660 मीटर रिकार्ड किया गया। जो बृहस्पतिवार के मुकाबले लगभग 40 सेमी. ज्यादा हो गया था। शाम छह बजे तक गंगा में एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी।
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उधर कटान भी तेज हो गई है। पुरुवा हवाओं के चलते हरहराते हुए उठ रहीं लहरें ठोकर मार-मारकर किसानों की खेती की जमीन को गंगा में मिला रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 24 घंटे के दौरान छेछुआ और भुर्रा गांवों की लगभग 25 बीघे और जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। कटान की विभीषिका देखकर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया।
भूमिहीन शोभनाथ का मकान गंगा में समा जाने के कारण डीएम ने उसे फौरी तौर पर गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। साथ ही मातहतों से कहा कि पीड़ित परिवार को पट्टे पर जमीन और लोहिया आवास देने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जिलाधिकारी ने उपधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिया कि गंगा की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए आसपास के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखें ताकि कोई समस्या आने पर उसका त्वरित निराकरण किया जा सके।