भदोही। नगर की मस्जिदों में नमाजे तरावीह के मुकम्मत होने का सिलसिला तेज हो गया है। रमजान में रोजा, नमाज, तरावीह, और अल्लाह की इबादत का विशेष मर्तबा है। हाफिज कहते हैं कि पूरे रमजान तरावीह पढ़ी जानी चाहिए। सोमवार की रात्रि में मोहल्ला पश्चिम तरफ की मस्जिद और जमुंद मोहल्ले की अकबरी मस्जिद में तरावीह मुकम्मल होने पर लोगों ने मुकम्मल कराने वाले हाफिजों का इस्तकबाल किया। पश्चिम तरफ मस्जिद में हाफिज सद्दाम ने कहा कि रोजा, नमाज, तरावीह हम सबको अल्लाह की तरफ से इनाम है। अल्लाह बंदों की ओर से गई एक एक इबादत का खूब इनाम देता है। हमें यह जान लेना चाहिए कि हमारी हर अच्छे और खराब हरकत पर अल्लाह की नजर है। इसलिए हमें नेकी का रास्ता नहीं छोडना चाहिए। उधर जमुंद की अकबरी मस्जिद में हाफिज मो.शाहनवाज ने देर रात जब तरावीह मुकम्मल कराई तो लोगों ने उठ कर उन्हें फूला पहना कर स्वागत किया। हाफिज ने कहा कि तरावीह रमजान महीने के तीसो दिन चलनी चाहिए। हर कोई इसका ख्याल रखे। उन्होंने इबादत के साथ साथ जकात निकालने की भी मुसलमानों से अपील की। इस मौके पर सभासद गुलाम संजरी, हाजी जमील खां, हाजी सफीक खां, आजम खां, हाजी इम्तीयाज खां, शकील खां, हलीम खां, एकबाल खां, मुख्तार खां, गुड्डू खालसा, ख़ुर्शीद खां, नसीम अंसारी, जाफर खां, अली अकबर, नेहाल खां, ज़िया सिद्दीकी, हफीज खां, जावेद खां, सेराज खां आदि रहे।