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Bhadohi News: औराईकांड के बाद अफसरों ने बुने नियम के जंजाल, अधर में फंसे पंडाल
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दुर्गोत्सव और रामलीला के आयोजक अफसरों की लेटलतीफी से परेशान है। दो सप्ताह से अनुमति के लिए तहसील से लेकर थानों तक चक्कर लगा रहे हैं। औराई तहसील के एक भी आयोजक को स्वीकृति नहीं मिली है। शारदीय नवरात्र शुरू होने में महज चार दिन बचे है। आयोजक पंडाल निर्माण को लेकर संशय में है। उनकी चिंता बढ़ गई।
जिले की तीनों तहसीलों में कुल 662 दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना होती है। औराई अग्निकांड के बाद प्रशासन ने नियम में सख्ती की गई है। वहीं, कुछ थानों और तहसीलों में कर्मियों के मकड़जाल के कारण आयोजकों की दिक्कत बढ़ गई है। ज्ञानपुर तहसील में मंगलवार को कोइरौना थानाक्षेत्र से आए एक आयोजक ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पंडाल की अनुमति के लिए आवेदन किया। अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सुजातपुर और धनापुर से आए आयोजक भी काफी चिंतित दिखे। औराई क्षेत्र में पांच दर्जन से अधिक बड़े और छोटे दुर्गा पंडाल बनाए जाते हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक रामलीलाओं का आयोजन होता है। हर बार आयोजन समिति को नवरात्र शुरू होने से दो-तीन दिन पहले ही परमिशन मिल जाता था। इस बार तहसील में 20 दुर्गा पूजा पंडाल और दो रामलीला के आयोजन के लिए आवेदन लटके हैं। विद्युत विभाग, अग्निशमन केंद्र, थाना और पुलिस क्षेत्राधिकार कार्यालय से एनओसी नहीं मिल पाई है। इस संबंध में एडीएम कुंवर वीरेंद्र आर्य का कहना है कि औराई अग्निकांड के बाद सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित विभागों से रिपोर्ट आने पर ही आयोजकों को अनुमति दी जाएगी।
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जिले की तीनों तहसीलों में कुल 662 दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना होती है। औराई अग्निकांड के बाद प्रशासन ने नियम में सख्ती की गई है। वहीं, कुछ थानों और तहसीलों में कर्मियों के मकड़जाल के कारण आयोजकों की दिक्कत बढ़ गई है। ज्ञानपुर तहसील में मंगलवार को कोइरौना थानाक्षेत्र से आए एक आयोजक ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पंडाल की अनुमति के लिए आवेदन किया। अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सुजातपुर और धनापुर से आए आयोजक भी काफी चिंतित दिखे। औराई क्षेत्र में पांच दर्जन से अधिक बड़े और छोटे दुर्गा पंडाल बनाए जाते हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक रामलीलाओं का आयोजन होता है। हर बार आयोजन समिति को नवरात्र शुरू होने से दो-तीन दिन पहले ही परमिशन मिल जाता था। इस बार तहसील में 20 दुर्गा पूजा पंडाल और दो रामलीला के आयोजन के लिए आवेदन लटके हैं। विद्युत विभाग, अग्निशमन केंद्र, थाना और पुलिस क्षेत्राधिकार कार्यालय से एनओसी नहीं मिल पाई है। इस संबंध में एडीएम कुंवर वीरेंद्र आर्य का कहना है कि औराई अग्निकांड के बाद सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित विभागों से रिपोर्ट आने पर ही आयोजकों को अनुमति दी जाएगी।
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