{"_id":"64-146600","slug":"Bhadohi-146600-64","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में बनेगा कालीन निर्यात संवर्धन परिषद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में बनेगा कालीन निर्यात संवर्धन परिषद
Bhadohi
Updated Tue, 09 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
भदोही। प्रदेश सरकार सूबे के कालीन उद्योग के विकास के लिए उप्र कालीन निर्यात संवर्धन परिषद बनाएगी। गत दिनों लखनऊ में पंचवर्षीय निर्यात नीति बनाने के लिए हुई बैठक में सरकार ने भदोही को टाऊन आफ एक्सपोर्ट एक्सेलेंस (टीईई) बनाने के प्रस्ताव पर सहमत भी हो गई है। ये जानकारी लखनऊ बैठक में भाग लेकर लौटे अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) प्रतिनिधियों ने सोमवार को प्रेस वार्ता में दी।
एकमाध्यक्ष विनय कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार देश के कुल कालीन निर्यात में प्रदेश का हिस्सा गंवाना नहीं चाहती। सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव महेश कुमार गुप्ता के समक्ष कई मांगें रखी थीं। इनमें से डिजाइन लैब की स्थापना में आर्थिक सहायता, महिला बुनकर प्रशिक्षण केंद्र खोलने, सोलर एनर्जी प्लांट की स्थापना, एसाइड योजना के तहत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, भदोही को टाउन आफ एक्सेलेंस में शामिल करने, इंसेंटिव योजना चलाने, संवर्धन परिषद गठित करने, सभी प्रकार के कच्चे माल को वैट से मुक्त करने संबंधी मांगों को निर्यात नीति में शामिल करने की मंजूरी मिली। प्रदेश सरकार द्वारा कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की एकमा पदाधिकारियों ने खूब सराहना की। मानद सचिव ने कहा कि अब तक इतना सहयोग दूसरी किसी सरकार से नहीं मिला था। हम लोगों ने सरकार को पांच वर्ष में प्रदेश का कुल निर्यात चार गुना करने देने का भरोसा दिलाया है। इसके अतिरिक्त वार्ता में शिवसागर तिवारी, पियूष बरनवाल, शमीम अंसारी, असलम महबूब, फिरोज वजीरी आदि भी मौजूद रहे जिन्होंने भदोही का नाम वापस देने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
एकमाध्यक्ष विनय कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार देश के कुल कालीन निर्यात में प्रदेश का हिस्सा गंवाना नहीं चाहती। सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव महेश कुमार गुप्ता के समक्ष कई मांगें रखी थीं। इनमें से डिजाइन लैब की स्थापना में आर्थिक सहायता, महिला बुनकर प्रशिक्षण केंद्र खोलने, सोलर एनर्जी प्लांट की स्थापना, एसाइड योजना के तहत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, भदोही को टाउन आफ एक्सेलेंस में शामिल करने, इंसेंटिव योजना चलाने, संवर्धन परिषद गठित करने, सभी प्रकार के कच्चे माल को वैट से मुक्त करने संबंधी मांगों को निर्यात नीति में शामिल करने की मंजूरी मिली। प्रदेश सरकार द्वारा कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों की एकमा पदाधिकारियों ने खूब सराहना की। मानद सचिव ने कहा कि अब तक इतना सहयोग दूसरी किसी सरकार से नहीं मिला था। हम लोगों ने सरकार को पांच वर्ष में प्रदेश का कुल निर्यात चार गुना करने देने का भरोसा दिलाया है। इसके अतिरिक्त वार्ता में शिवसागर तिवारी, पियूष बरनवाल, शमीम अंसारी, असलम महबूब, फिरोज वजीरी आदि भी मौजूद रहे जिन्होंने भदोही का नाम वापस देने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन