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रात में बारिश, दिनभर छाई रही बदली
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ज्ञानपुर। कालीन नगरी में बृहस्पतिवार की रात घंटों रिमझिम बारिश हुई। इससे निचले इलाकों की कच्ची सड़कें जहां कीचड़ से सन गईं, वहीं तापमान में गिरावट से सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया। बृहस्पतिवार की रात में 19 मिमी. बारिश हुई। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे और दिन में भी अंधेरे सी स्थिति बनी रही।
बृहस्पतिवार को बदले मौसम का रुख सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर गया। पारा लुढ़कने से लोग ठंड में ठिठुरने लगे। बृहस्पतिवार को रात में रिमझिम बरसात हुई। शुक्रवार को सुबह हुई तो आसमान बादलों से ढंका था और सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़ा रहीं थीं। बारिश से जगह-जगह कीचड़ भर गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम से लेकर भोर तक 19 मिमी. बारिश हुई।
बेमौसम इस बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन सरसों और आलू की फसल को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। सरसों की फसल में कई स्थानों पर माहो रोग का प्रकोप बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि मौसम का यही रुख आगे भी बना रहा तो ज्यादा नुकसान होगा। कृषि विशेषज्ञ रामेश्वर सिंह ने कहा कि बदले मौसम से सरसों की फसल में माहो लग सकते हैं। ऐसे में डाईमेथोएट की 30 ईसी मात्रा एक लीटर पानी में डालकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए। मिथाइल ओ डेमेटान की 25 ईसी मात्रा एक लीटर में डालकर छिड़काव किया जा सकता है। इन दवाओं को अमूमन शाम के वक्त छिड़काव करना चाहिए।
बृहस्पतिवार को बदले मौसम का रुख सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर गया। पारा लुढ़कने से लोग ठंड में ठिठुरने लगे। बृहस्पतिवार को रात में रिमझिम बरसात हुई। शुक्रवार को सुबह हुई तो आसमान बादलों से ढंका था और सर्द हवाएं कंपकंपी छुड़ा रहीं थीं। बारिश से जगह-जगह कीचड़ भर गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम से लेकर भोर तक 19 मिमी. बारिश हुई।
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बेमौसम इस बारिश को गेहूं के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन सरसों और आलू की फसल को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। सरसों की फसल में कई स्थानों पर माहो रोग का प्रकोप बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि मौसम का यही रुख आगे भी बना रहा तो ज्यादा नुकसान होगा। कृषि विशेषज्ञ रामेश्वर सिंह ने कहा कि बदले मौसम से सरसों की फसल में माहो लग सकते हैं। ऐसे में डाईमेथोएट की 30 ईसी मात्रा एक लीटर पानी में डालकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए। मिथाइल ओ डेमेटान की 25 ईसी मात्रा एक लीटर में डालकर छिड़काव किया जा सकता है। इन दवाओं को अमूमन शाम के वक्त छिड़काव करना चाहिए।
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