घोसिया/ऊंज। राजेंद्र बरनवाल गर्ल्स इंटर कॉलेज घोसिया में रामकथा सुनने के लिए बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। संगीतमयी कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो उठे। कथा के आठवें दिन कथावाचक राघवाचार्य महाराज ने कहा कि मानव कर्म कर फल उसे भगवान देंगे। नि:स्वार्थ भाव से प्रभु की प्रार्थना कभी निष्फल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मनुष्य मात्र परमात्मा का शेष हैं। हमें पेड़ पौधों से भी हमें सीख मिलती है, लेकिन जीव ग्रहण नहीं करना चाहता। कथा मंडप में विद्यालय की छात्राएं वालेंटियर के रूप में साधना तिवारा, बेबी मौर्या, पूनम यादव, पूजा यादव, शिवानी पटेल ने श्रोताओं को बैठाने की व्यवस्था देखी। मौके पर सुमंत यादव, सूबेदार, अमृत लाल, आदर्श, महेंद्र यादव, सुमनलता श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव आदि रहीं। ऊंज संवाददाता के अनुसार, रामलीला मैदान सिकरहां में आयोजित कथा में मनीष शरण महाराज ने राम के आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया। कहा कि राम के आदर्श अपनाकर ही हम रामराज्य की स्थापना कर सकते हैं। बताया कि जब भगवान राम का विवाह हो गया और उनके राज्याभिषेक की तैयारी होने लगी तो अयोध्या में खुशी छा गई पर इंद्र आदि देवता दुखी हो गए। उन्हें लगा कि प्रभु जिस काम के लिए पृथ्वी पर आए हैं। इसके बाद देवी सरस्वती के सहयोग से कैकेयी के मन में भरत को राजगद्दी सौंपने की बात बैठाई गई। उसके बाद कैकेयी के कहने पर राम को वनवास जाना पड़ा। 14 साल के वनवास के दौरान प्रभु राम ने रावण समेत अन्य राक्षसों का वध किया। मौके पर पूर्व विधायक जिलाजीत दूबे, सतीश चंद्र मिश्र, विजय दूबे, सुशील पांडेय, लल्लन शुक्ल आदि रहे।