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सामूहिक विवाह के लिए 15 दिसंबर से होगा पंजीकरण
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:02 AM IST
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ज्ञानपु्र (भदोही)।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की नई पहल के तहत अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग की गरीब बेटियों की शादी कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना का लाभ जरूरतमंद पात्र लाभार्थियों को दिलाने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिला स्तर पर समाज कल्याण अधिकारी, ब्लाक स्तर पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी से योजना की जानकारी ली जा सकती है। जिलाधिकारी ने कहा कि शादी के पंजीयन का कार्य 15 दिसंबर से प्रत्येक दशा में चालू होना चाहिए। जिलाधिकारी ने पात्रता के संबंध में बताते हुए कहा कि कन्या का अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हो, कन्या का अभिभावक निराश्रित, निर्धन और जरूरतमंद हो, आवेदक के परिवार की आय ग्रामीण क्षेत्र में 46000 और नगरीय क्षेत्र में 56460 रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह के आवेदन में कन्या आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष और वर की उम्र 21 वर्ष कम से कम होनी चाहिए। विवाह में निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। सहायता राशि 20000 रुपये कन्या के खाते में भेजी जाएगी। विधवा, तलाकशुदा के मामले सहायता राशि 25000 होगी। विवाह संस्कार के लिए 10000 रुपये दिए जाएंगे। विधवा, तलाकशुदा के मामले में यह धनराशि 5000 होगी। वैवाहिक कार्यक्रम आयोजन के लिए 5000 रुपये प्रति जोड़ा ग्रामीण, शहरी निकाय स्तर पर गठित विवाह समिति को दिया जाएगा। इस तरह एक जोड़े पर कुल 35000 रुपये व्यय किए जाएंगे। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में न्यूनतम 10 जोड़े होने अनिवार्य हैं। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन पत्र क्षेत्र पंचायत विकास खंड, जिला पंचायत और नगर क्षेत्र के आवेदन पत्र संबंधित नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद में जमा होंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह, अपर जिलाधिकारी हरीलाल यादव, डीपीआरओ अनिल त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की नई पहल के तहत अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग की गरीब बेटियों की शादी कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सामूहिक विवाह योजना का लाभ जरूरतमंद पात्र लाभार्थियों को दिलाने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिला स्तर पर समाज कल्याण अधिकारी, ब्लाक स्तर पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी से योजना की जानकारी ली जा सकती है। जिलाधिकारी ने कहा कि शादी के पंजीयन का कार्य 15 दिसंबर से प्रत्येक दशा में चालू होना चाहिए। जिलाधिकारी ने पात्रता के संबंध में बताते हुए कहा कि कन्या का अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हो, कन्या का अभिभावक निराश्रित, निर्धन और जरूरतमंद हो, आवेदक के परिवार की आय ग्रामीण क्षेत्र में 46000 और नगरीय क्षेत्र में 56460 रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। विवाह के आवेदन में कन्या आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष और वर की उम्र 21 वर्ष कम से कम होनी चाहिए। विवाह में निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। सहायता राशि 20000 रुपये कन्या के खाते में भेजी जाएगी। विधवा, तलाकशुदा के मामले सहायता राशि 25000 होगी। विवाह संस्कार के लिए 10000 रुपये दिए जाएंगे। विधवा, तलाकशुदा के मामले में यह धनराशि 5000 होगी। वैवाहिक कार्यक्रम आयोजन के लिए 5000 रुपये प्रति जोड़ा ग्रामीण, शहरी निकाय स्तर पर गठित विवाह समिति को दिया जाएगा। इस तरह एक जोड़े पर कुल 35000 रुपये व्यय किए जाएंगे। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में न्यूनतम 10 जोड़े होने अनिवार्य हैं। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन पत्र क्षेत्र पंचायत विकास खंड, जिला पंचायत और नगर क्षेत्र के आवेदन पत्र संबंधित नगर पंचायत और नगर पालिका परिषद में जमा होंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह, अपर जिलाधिकारी हरीलाल यादव, डीपीआरओ अनिल त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह उपस्थित रहे।
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